बीएमसी चुनाव में कांग्रेस ने प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन अघाड़ी के साथ गठबंधन किया. बीएमसी चुनाव में कांग्रेस को 24 सीटों पर जीत हासिल हुई. इस बीच प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि मुंबई में हमने बार-बार कांग्रेस से कहा कि आप मुसलमानों के वोट को अपनी जागीर मत समझिए. ये वोट आपसे टूट रहा है, जा रहा है. चुनाव के बाद वही दिखाई दिया कि मुस्लिम वोट कांग्रेस से हट चुका. हिंदू तो पहले ही हट चुका था. जो कांग्रेस में चुनकर आए, उनकी अपनी एक छवि थी और उसी पर वो जीतकर आए.

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औरंगाबाद में कांग्रेस की हालत खराब- आंबेडकर

प्रकाश आंबेडकर ने कहा, "बार-बार हम लोग कांग्रेस पार्टी से कह रहे थे कि एक बड़ी जनसभा करिए. लेकिन वो माने नहीं. वहां से एक संदेश हमलोग दें कि चुनावी समझौता हो चुका है और आपको इस तरह से वोटिंग करनी है. औरंगाबाद में कांग्रेस की एक ही सीट आई. जिस सीट को लेकर उन्होंने हम लोगों के साथ झगड़ा किया, वहां पर उनकी हालत बहुत बुरी हो गई. अगर वो औरंगाबाद में हम लोगों के साथ बैठते तो मुझे लगता है कि करीब-करीब 40 से 42 सीटें आतीं, जिसमें 19-20 हमारी होती और बाकी के कांग्रेस के होते."

बता दें कि औरंगाबाद जिसे अब छत्रपति संभाजीनगर के नाम से जाना जाता है, वहां हुए महानगपालिका चुनाव में कांग्रेस को एक सीट मिली. यहां महानगरपालिका की कुल 115 सीटे हैं. यहां बीजेपी ने 58 सीटों पर जीत हासिल की. एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने छत्रपति संभाजीनगर में 12, शिवसेना (यूबीटी) ने 6, राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने एक और असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM ने 33 सीटों पर जीत हासिल की. अन्य के खाते में चार सीटें गईं. यहां हुए महानगरपालिका चुनाव में 33 सीटें जीतकर ओवैसी की AIMIM ने अपनी ताकत दिखा दी.

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बीजेपी का दूसरी पार्टियों पर भी कंट्रोल- आंबेडकर

प्रकाश आंबेडकर ने 5 फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनाव पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, "इस चुनाव को हम बड़े पैमाने पर लड़ रहे हैं. हम लोग उम्मीद कर रहे हैं कि समझौता (कांग्रेस के साथ) हो और समझौते के मुताबिक हम लोग साथ में जाएं. अभी भी बीजेपी की घुसपैठ तमाम राजनीतिक दलों है. इस वजह से बीजेपी का दूसरी पार्टियों पर भी कंट्रोल है."