बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के बाद मुंबई में महापौर पद को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है. इसी बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की स्पष्ट राय है कि शिवसेना बीएमसी में बीजेपी नीत महायुति को मिले जनादेश का सम्मान करेगी.  

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सूत्रों ने यह भी कहा कि शिवसेना के 29 निर्वाचित पार्षदों को मुंबई के एक फाइव स्टार होटल में शिफ्ट किए जाने को अनावश्यक रूप से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है. दरअसल, हाल ही में हुए महानगर पालिका चुनावों में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को मामूली बहुमत मिलने के बाद इन 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को होटल में शिफ्ट किया गया था.

'बीजेपी नेतृत्व से नहीं हुई इस पर बात'

ऐसी अटकलें हैं कि शिंदे कम से कम पहले ढाई साल के लिए शिवसेना के लिए बीएमसी महापौर का पद चाहते हैं क्योंकि यह पार्टी के संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे की जन्म शताब्दी का वर्ष है. शिवसेना सूत्रों ने कहा कि शिंदे जानते हैं कि उनकी पार्टी को यह पद नहीं मिलेगा और उन्होंने इस मुद्दे पर अब तक बीजेपी नेतृत्व से कोई बातचीत भी नहीं की है. हालांकि, वह यह संदेश भी नहीं देना चाहते कि वह पीछे हट गए हैं.

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महत्वपूर्ण समितियों में मिलेगी जगह!

डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के एक करीबी सहयोगी ने कहा, "शिवसैनिक चाहते हैं कि बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी के अवसर पर पार्टी का अपना महापौर हो. हालांकि शिंदे जानते हैं कि बीजेपी शिवसेना महापौर की मांग स्वीकार नहीं करेगी, फिर भी सार्वजनिक चर्चा में कोई हर्ज नहीं है. शिंदे को पीछे हटने वाले नेता के रूप में नहीं देखा जा सकता. कम से कम पार्टी को कुछ अन्य महत्वपूर्ण समितियों में तो जगह मिलेगी."

जनादेश का उल्लंघन करने का इरादा नहीं- शिंदे

सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने साफ तौर पर कहा है कि मुंबई में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को मिले जनादेश का उल्लंघन करने का उनका कोई इरादा नहीं है. उन्होंने यह भी बताया कि 29 निर्वाचित शिवसेना पार्षदों को पाला बदलने से रोकने के लिए उन्हें मुंबई के एक फाइव स्टार होटल में शिफ्ट करने की चर्चा बेवजह हो रही है.

सूत्रों ने कहा कि यह नव निर्वाचित सदस्यों के लिए एक ट्रेनिंग वर्कशॉप है और शिंदे के लिए उनसे परिचित होने और उन्हें यह बताने का अवसर है कि वह उनसे क्या अपेक्षा करते हैं.