शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने बुधवार (22 जुलाई) को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. मंगलवार को वो जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन का समर्थन करने पहुंचे थे. आज अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि पहले दिन से हमारी पार्टी अभिजीत दीपके, सोनम वांगचुक और इन बच्चों के समर्थन में है. 

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'... इनसे अच्छे तो अंग्रेज थे'

राहुल गांधी के आंदोलन और हिरासत में लिए जाने को लेकर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, "संयोग की बात है या पता नहीं क्यों कल ही राहुल गांधी ने भी आंदोलन किया. अगर हम देखें कि किस बेरहमी के साथ सरकार इनके साथ पेश आ रही है या जो कर रही है वो प्रजातंत्र का लक्षण नहीं है. अब बहुत सारे लोग तो ये कहने लगे हैं कि इनसे अच्छे तो अंग्रेज थे. इसका मतलब है कि ये है कि जो भी सत्ता में हैं उनके दिमाग में शायद हवा चली गई है. इस हवा को निकालने में जनता को वक्त नहीं लगता."

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सरकार बातचीत कर लेती तो ये नौबत नहीं आती- उद्धव

उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर कोई भी आंदोलन करता है तो सरकार का कर्तव्य है कि उनके साथ जाकर बात करे. वो क्या कहना चाहते हैं, अगर कोई गलतफहमी है तो उसको दूर करे लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया. अगर सरकार पहले दिन बात कर लेती तो ये नौबत नहीं आती. जब सोनम वांगचुक के पिता ने अनशन किया था तो उस समय इंदिरा गांधी ने जाकर उनसे बात की थी. अन्ना हजारे के आंदोलन के समय कांग्रेस ने मंत्री को बातचीत के लिए भेजा था. खुद के 'मन की बात' की बात लोगों को सुनाएं और जन की बात न सुनें तो ये तानाशाही है.

अगर छात्र इस्तीफा मांग रहे हैं तो गलत क्या है- उद्धव

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कहा, "अगर बच्चे इस्तीफा मांग रहे हैं तो इसमें गलत क्या है. उनके भविष्य का मामला है. एक व्यक्ति और पूरे देश के भविष्य में से एक को चुनना है."

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