महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जयंती पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने बुधवार को एक भावुक संदेश साझा किया. इसमें उन्होंने अपने दिवंगत चचेरे भाई अजित पवार के व्यक्तित्व, नेतृत्व और उनके साथ बिताए पलों को याद किया.
अपना दुख व्यक्त करते हुए सुले ने कहा कि इस मौके पर औपचारिक श्रद्धांजलि देना उनके लिए आसान नहीं है. उन्होंने कहा कि इस साल की शुरुआत में अजित पवार के निधन के बाद उनका परिवार और महाराष्ट्र के लोग लगातार दुख से गुजर रहे हैं.
'भाई-बहनों का ख्याल रखते थे दादा'
सुले ने भावुक होकर याद किया कि कैसे "दादा" हमेशा अपने भाई-बहनों का ख्याल रखते थे और उन पर स्नेह बनाए रखते थे. उन्होंने कहा कि उनकी इस सुरक्षा और साथ की कमी हमेशा महसूस होती रहेगी. सुले ने कहा कि पूरे महाराष्ट्र में उनकी कमी महसूस की जा रही है, जहां लोग उनके अनुशासन, मेहनत और प्रभावशाली भाषण शैली को आज भी याद करते हैं.
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राज्य के विकास में उनके योगदान का जिक्र करते हुए सुले ने उनके दूरदर्शी नेतृत्व, प्रशासनिक क्षमता और जनता के मुद्दों को हल करने के प्रति उनकी मजबूत प्रतिबद्धता की सराहना की.
'उनकी यादें हमेशा दिलों में जिंदा रहेंगी'
अपनी श्रद्धांजलि के अंत में सुले ने कहा कि उनकी यादें हमेशा दिलों में जिंदा रहेंगी. उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है जैसे आप अभी भी हमारे बीच हैं. हम आपको बहुत याद करते हैं, दादा. आज मेरा दिल कई यादों से भरा हुआ है. भाई-बहनों के बीच इस बात का दुख हमेशा रहेगा कि अब आपका साया हमारे साथ नहीं है."
यह जयंती श्रद्धांजलि महाराष्ट्र भर में हो रहे श्रद्धांजलि कार्यक्रमों के बीच दी गई. राज्य सरकार ने अजित पवार की जयंती को अपने वार्षिक सार्वजनिक कार्यक्रमों की सूची में आधिकारिक रूप से शामिल किया है. यह उनकी सार्वजनिक सेवा और प्रशासनिक योगदान के सम्मान में किया गया है.
दादा जल्दी छोड़कर चले गए- जयंत पाटिल
इसके अलावा, पूर्व मंत्री और एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "अजितदादा के साथ मेरी दोस्ती 1985 से है. हम लगभग एक ही समय में सार्वजनिक जीवन में आए और 35 वर्षों से अधिक समय तक साथ काम किया. हमने सुख-दुख, सफलता और असफलता सभी का साथ मिलकर सामना किया. कई मुद्दों पर हमारी पूरी सहमति थी, जबकि कुछ मामलों में हमारे विचार अलग थे, लेकिन बातचीत के जरिए हम हमेशा सहमति तक पहुंचते थे."
उन्होंने आगे कहा, "हर साल दादाजी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं देने की परंपरा इस साल टूट गई. 35 साल की दोस्ती के बाद दादाजी इतनी जल्दी हमें छोड़कर चले गए. यह दुख हमेशा मेरे मन में रहेगा. आपके जन्मदिन पर आपको हार्दिक शुभकामनाएं. दादाजी, जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई."
कमी महसूस हो रही- रोहित पवार
एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने कहा, "अजित दादा, आज हर जगह आपकी कमी महसूस हो रही है, लेकिन आपकी यादें हमेशा हमारे साथ रहेंगी. भले ही आज आपकी जयंती है, लेकिन हमारे लिए यह आपका जन्मदिन है. इसलिए आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं, दादा!"
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