Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में गुरुवार (23 मार्च) को दिलचस्प सियासी तस्वीर सामने आई. महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) और पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) विधान भवन में एक साथ दिखे. इस मुलाकात पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि हम विधान भवन के गेट पर मिले और बस एक-दूसरे का सामान्य तरीके से अभिवादन किया. हमने एक दूसरे को नमस्ते और नमस्ते कहा. क्या अब हम एक दूसरे को बधाई भी नहीं दे सकते? इसके साथ ही ठाकरे ने कहा कि पहले राजनीति पर खुलापन था. लेकिन अब सिर्फ बैक डोर मीटिंग ही अहम मानी जाती है. इसलिए अगर हमारे बीच कोई क्लोज डोर मीटिंग होती है, तो मैं निश्चित रूप से आपको बताउंगा. इस दौरान उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे भी मौजूद थे.
मराठी भाषा विभाग की बैठक में शामिल होने पहुंचे थे दोनों नेता
ये दोनों नेता विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) ठाकरे मराठी भाषा विभाग की बैठक में भाग लेने आये थे. अविभाजित शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी के रिश्तों में 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद दरार आ गयी थी और तब से फडणवीस और ठाकरे के बीच भी प्रतिद्वंद्विता देखी जाती रही है. ऐसे में दोनों के एक साथ दिखने पर मीडिया कैमरे हरकत में आ गए.
सीएम पद को लेकर ठाकरे और बीजेपी का सियासी रिश्ता टूट गया था
2019 विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर दोनों दलों के रिश्ते टूट गये थे और तब ठाकरे ने कांग्रेस और एनसीपी के समर्थन से सरकार बनाई थी. एकनाथ शिंदे के शिवसेना से विद्रोह के बाद पिछले साल जून में महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार गिर गयी थी और तब से फडणवीस और ठाकरे के बीच खटास आ गई. शिंदे बाद में बीजेपी के समर्थन से मुख्यमंत्री बन गये. फडणवीस ने एक बार कहा था कि उन्होंने एमवीए सरकार गिरवाकर ठाकरे से बदला ले लिया है.
