महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों सियासी उठापटक का मंजर देखने को मिल रहा है. शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. एक तरफ़ ऑपरेशन टाइगर के तहत उद्धव ठाकरे के छह सांसद बागी हो गए है और नया गुट बनाकर एकनाथ शिंदे से जुड़ने वाले है . तो वही मुंबई में उद्धव ठाकरे के एक नगरसेवक की सदस्यता समाप्त कर दी गई है .

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मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नगरसेवक दीपक सावंत को बड़ा झटका लगा है. जाति प्रमाणपत्र जांच समिति द्वारा उनका ओबीसी जाति प्रमाणपत्र अमान्य घोषित किए जाने के बाद उनकी नगरसेवक की सदस्यता समाप्त कर दी गई है. जिसके बाद मुंबई की राजनीति में भूचाल आ गया.

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मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े ने की घोषणा

बीएमसी की गुरुवार को हुई महासभा में मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े ने घोषणा की कि कांजुरमार्ग के वार्ड क्रमांक 111 से निर्वाचित नगरसेवक दीपक सावंत की सीट अब रिक्त हो गई है. उन्होंने बताया कि प्रशासन को रत्नागिरी जिला जाति प्रमाणपत्र जांच समिति का आदेश प्राप्त हुआ है, जिसमें सावंत का जाति प्रमाणपत्र अमान्य ठहराया गया है.

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दीपक सावंत ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित वार्ड क्रमांक 111 से निर्वाचित हुए थे. जाति प्रमाणपत्र रद्द होने के बाद उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई. इसके साथ ही बीएमसी में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के नगरसेवकों की संख्या 65 से घटकर 64 रह गई है.

गोवंडी में भी नगरसेवक की सदस्यता रद्द

इसी तरह गोवंडी के वार्ड क्रमांक 137 से एआईएमआईएम के नगरसेवक शमीर रमज़ान पटेल का भी ओबीसी जाति प्रमाणपत्र अहिल्यानगर जिला जाति प्रमाणपत्र जांच समिति ने अमान्य घोषित किया है. उनकी सदस्यता समाप्त किए जाने की घोषणा भी महासभा में होने की संभावना थी.

हालांकि, शमीर पटेल को अदालत से अंतरिम राहत मिल गई है. अदालत ने जाति जांच समिति के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है, जिसके चलते वे अगले आदेश तक नगरसेवक के पद पर बने रहेंगे.

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