MLAs Disqualification Verdict Live: एकनाथ शिंदे के पक्ष में गया फैसला, उद्धव ठाकरे बोले- 'हम जनता को साथ लेकर लड़ेंगे, जनता के बीच जाएंगे'
Shiv Sena MLA Disqualification Verdict Live: SC ने स्पीकर राहुल नार्वेकर को अयोग्यता याचिकाओं पर 31 दिसंबर तक फैसला देने के लिए कहा था. इस समय सीमा को 10 जनवरी तक बढ़ाया गया, जिसका आखिरी दिन आज है.
एबीपी लाइवLast Updated: 10 Jan 2024 07:57 PM

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Shiv Sena MLA Disqualification: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित शिवसेना विधायकों की अयोग्यता मामले में बहुप्रतीक्षित फैसले का बेसब्री से इंतजार आज खत्म हो सकता है. मई में शुरू...More
Shiv Sena MLA Disqualification: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित शिवसेना विधायकों की अयोग्यता मामले में बहुप्रतीक्षित फैसले का बेसब्री से इंतजार आज खत्म हो सकता है. मई में शुरू हुए विधायकों की अयोग्यता याचिका पर आज शाम स्पीकर राहुल नार्वेकर फैसला सुना सकते हैं. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंद गुट को उम्मीद है कि फैसला उनके हित में ही जाएगा, जबकि उद्धव ठाकरे गुट फैसला उनके पक्ष में न आने के बाद की तैयारी किए बैठा है. उद्धव गुट की शिवसेना फैसला उनके खिलाफ आने के बाद सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है. हालांकि बाकी स्थिति शाम चार बजे तक साफ हो सकती है.यह मामला जून 2022 में महा विकास अघाडी सहयोगी शिवसेना के विभाजन के बाद उठा, जिसके कारण उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार गिर गई और एकनाथ शिंदे को बीजेपी के सहयोग से बनी नई सरकार के नए मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया. उस राजनीतिक भूचाल के बाद शिवसेना के दोनों गुटों ने दल-बदल विरोधी कानूनों, व्हिप का उल्लंघन आदि के तहत एक-दूसरे के विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए क्रॉस-याचिकाएं दायर की थीं. इस बीच, चुनाव आयोग ने शिंदे समूह को मान्यता दी थी और उसे शिवसेना का नाम और तीर-धनुष चुनाव चिह्न आवंटित किया था, जबकि ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट को शिव सेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे नाम दिया गया था और जलती मशाल चुनाव चिह्न दिया गया था.मई में सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर को असली शिवसेना पर अपना फैसला सुनाने का निर्देश दिया था और फिर उन्हें अयोग्यता याचिकाओं पर 31 दिसंबर तक अपना फैसला देने को कहा था. उस समय सीमा से कुछ दिन पहले, 20 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला देने के लिए 10 जनवरी तक 10 दिनों का विस्तार दिया - जिसका राज्य में तत्काल और इस साल आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में बड़ा राजनीतिक प्रभाव हो सकता है. बाद में, एनसीपी का मामला - जो जुलाई 2023 में लंबवत रूप से विभाजित हो गया है - 31 जनवरी तक संभावित फैसले के साथ सामने आने की उम्मीद है, जिसके अपने अलग राजनीतिक परिणाम होंगे.
हम जनता के बीच जाएंगे- उद्धव ठाकरे
एकनाथ शिंदे गुट के विधायकों पर स्पीकर के फैसले के बाद पूर्व सीएम और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि हम जनता को साथ लेकर लड़ेंगे और जनता के बीच जाएंगे.