Sanjay Nirupam on Shivsena UBT: एकनाथ शिंदे गुट के नेता संजय निरुपम ने कहा किशिवसेना (UBT) के सांसदों ने संसद के दोनों सदनों में वक़्फ़ बोर्ड संशोधन विधेयक का पुरजोर विरोध किया. उन्होंने दावा किया कि उद्धव ठाकरे ने अपने सांसदों को फ़ोन कर इस बिल के खिलाफ वोट डालने का निर्देश दिया. मुस्लिम वोट और आर्थिक दबाव के चलते सांसदों को अपनी इच्छा के विरुद्ध जाकर मतदान करना पड़ा.
बालासाहेब की आत्मा नहीं करेगी माफ- निरुपमसंजय निरुपम ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि बालासाहेब ठाकरे हमेशा हिंदुओं के लिए काम करते रहे, लेकिन उद्धव ठाकरे ने वक़्फ़ पर मतदान कर मुस्लिम संगठनों को खुश करने का प्रयास किया. उन्होंने कहा कि आज उर्दू अख़बारों में मुस्लिम नेताओं द्वारा उद्धव ठाकरे की सराहना की जा रही है और उन्हें 'मुस्लिम हृदय सम्राट' बताया जा रहा है. निरुपम ने आरोप लगाया कि याकूब मेमन की कब्र के सुशोभीकरण का दबाव भी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में स्वीकार किया गया. उन्होंने यह भी कहा कि बालासाहेब की आत्मा उद्धव ठाकरे को कभी माफ़ नहीं करेगी.
टैरिफ के मुद्दे पर भी साधा निशानानिरुपम ने टैरिफ के मुद्दे पर भी उद्धव ठाकरे को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि अमेरिका का मार्केट, करेंसी मार्केट और कच्चे तेल की कीमतें गिर रही हैं, लेकिन उद्धव ठाकरे को इस पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने दावा किया कि जब उद्धव ठाकरे बीएमसी में थे, तब उन्होंने कांट्रैक्टर्स से दलाली और कमीशन लिया. उनका आरोप है कि उद्धव ठाकरे ने दलाली खाकर ही टैरिफ खा लिया.
NCP और शरद पवार का रुखनिरुपम ने एनसीपी नेता शरद पवार की सराहना की और कहा कि वह उनका स्वागत करेंगे क्योंकि उन्होंने समझदारी दिखाई और बिल का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि शरद पवार, जो कि सेक्युलरिज्म के पुरोधा माने जाते हैं, उन्होंने मुस्लिम संगठनों के दबाव को नकारते हुए बिल के समर्थन में मतदान किया.
शिवसेना UBT का कांग्रेसीकरण- निरुपमसंजय निरुपम ने शिवसेना UBT पर कांग्रेस के रंग में रंगने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे ने शिवसेना को कांग्रेस में तब्दील कर दिया है. मुंबई में 2-3 विधायक केवल मुस्लिम वोटों के सहारे जीते हैं, और उद्धव ठाकरे भी महाराष्ट्र में कांग्रेस का वोट बैंक बनाना चाहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उद्धव ठाकरे की यह रणनीति हिंदू वोटरों को नकारने की दिशा में एक बड़ा कदम है.