शिवसेना की स्थापना के 60 साल पूरे हो गए हैं. इस मौके पर प्रदेश के डिप्टी सीएम और शिवसेना के प्रमुख एकनाथ शिंदे ने शायराना अंदाज में बिना किसी का नाम लिए उद्धव गुट पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि ये जनता है सब जानती है. तुम्हारे पांव के नीचे जमीन नहीं, तुमको पता है फिर भी तुमको यकीन नहीं. मैं तो अकेल चला था, लोग आते चले गए, कारवां बनता गया. एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (UBT) के 6 सांसदों के पाला बदलने के संदर्भ में ये भी कहा कि यह तो बस ट्रेलर है, फ़िल्म अभी बाकी है.

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टाइगर अकेला आता है और दहाड़ता है- एकनाथ शिंदे

एकनाथ शिंदे ने पंतप्रधान मोदी के अभिनंदन का प्रस्ताव पेश किया और कार्यकर्ताओ ने उन्हें खड़े रहकर समर्थन दिया. एकनाथ शिंदे ने अपने भाषण में आगे कहा, ''एकनाथ शिंदे क्या बोलेंगे, कौन-कौन आएगा, यह सब बाद की बात है लेकिन आज यह टाइगर आपके सामने खड़ा है. मैं पिछले कुछ समय से देख रहा हूं कि कुछ कुत्ते भौंकते रहते हैं, झुंड में आते हैं, लेकिन टाइगर अकेला आता है और दहाड़ता है.”

'पीएम मोदी ने बालासाहेब ठाकरे के सपनों को पूरा किया'

उन्होंने कहा, ''अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण और अनुच्छेद 370 हटाकर पीएम मोदी ने बालासाहेब ठाकरे के सपनों को पूरा किया. भारत को महाशक्ति बनाने और 140 करोड़ देशवासियों के सपनों को पूरा करने की शक्ति मोदी जी को मिलती रहे, यही कामना है. नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए अमित शाह का अभिनंदन. अगर बालासाहेब आज होते तो वे मोदी और शाह का अभिनंदन करते. लेकिन जो लोग देश को प्रगति के मार्ग पर ले जा रहे हैं, उन पर रोज आरोप लगाए जा रहे हैं. इसलिए जनता ने उन्हें उनकी जगह दिखा दी है.

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हम बालासाहेब के विचारों को आगे बढ़ा रहे- एकनाथ शिंदे

शिंदे ने आगे कहा, ''बालासाहेब ठाकरे की जन्मशताब्दी के अवसर पर हमने शिवसेना को गांव-गांव तक पहुंचाने का काम किया और उसे राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनाया. हम बालासाहेब के विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं, इसलिए स्वर्ग में भी उन्हें खुशी महसूस हो रही होगी. सिर्फ मन में बालासाहेब होना काफी नहीं है, उनके विचारों को भी अपनाना पड़ता है.''

जिसने भगवे को भुलाया, वह राजनीति से खत्म हो गया- शिंदे

शिवसेना प्रमुख ने ये भी कहा, ''बालासाहेब के असली वारिस आप शिवसैनिक हैं. शिवसेना जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि हमारे दिल का टुकड़ा है. जिसने भगवे को भुलाया, वह राजनीति से खत्म हो गया.'' उद्धव ठाकरे को घेरते हुए उन्होंने कहा, ''सत्ता की कुर्सी के लिए बालासाहेब के विचार छोड़ दिए. जिन लोगों को बालासाहेब पसंद नहीं करते थे और जिन्होंने उन्हें जीवनभर परेशान किया, उन्हीं के साथ आप चले गए. जो लोग बालासाहेब के विचारों को बचाने का काम कर रहे हैं, उन्हें गालियां दी जाती हैं, जबकि शिवसेना तोड़ने वाली कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस की तारीफ की जाती है.''

महायुति पूरी तरह मजबूत है- एकनाथ शिंदे

उन्होंने कहा, ''महायुति पूरी तरह मजबूत है. कुछ लोग सीएम देवेंद्र फडणवीस और मेरे बीच फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं. कुछ लोग जाकर उन्हें बातें बताते हैं और फिर वे आकर हमें सब कुछ बता देते हैं. हमारी गाड़ी तेज गति से दौड़ रही है. हमारा एकमात्र एजेंडा महाराष्ट्र का विकास है. मैंने अपनी मां और बहनों की कठिनाइयों को देखा है, इसलिए लाडकी बहिन योजना शुरू की. कोई भी माई का लाल आ जाए, लाडकी बहिन योजना बंद नहीं होगी. छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों को सामने रखकर काम कर रहा हूं.''

शिवसेना के 60 साल: उद्धव गुट में अस्तित्व का संकट गहराया, शिंदे के सामने भी है ये चुनौती