शरद पवार की पार्टी का कांग्रेस में विलय की अटकलें हैं. अब इन अटकलों पर कांग्रेस नेता ने बड़ा दावा किया है. महाराष्ट्र कांग्रेस के सीनियर नेता विजय वडेट्टीवार ने पुष्टि की है कि कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार गुट) के बीच विलय को लेकर हाईकमान स्तर पर बातचीत चल रही है. उन्होंने कहा कि जो लोग कांग्रेस और शरद पवार के धर्मनिरपेक्ष विचारों में विश्वास रखते हैं, उनका हमारी पार्टी में हमेशा स्वागत है.
मई 1999 में कांग्रेस अलग होकर बनी एनसीपी
मई 1999 में शरद पवार ने कांग्रेस से अलग होकर नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) की स्थापना की थी और धीरे-धीरे महाराष्ट्र में इस पार्टी ने पैर जमा लिए.
एनसीपी के दो गुट राजनीति में सक्रिय
हालांकि, अब एनसीपी का स्वरूप बिल्कुल अगल है और इसमें दो फाड़ हो चुके हैं. दिवंगत अजित पवार ने शरद पवार को झटका देते हुए जून 2023 में अलग गुट बना लिया. बाद में पार्टी का चुनाव चिन्ह भी शरद पवार को गंवाना पड़ा. एनसीपी में दो फाड़ हो गए. अजित पवार के गुट को 'असली एनसीपी' माना गया और एक एनसीपी (शरदचंद्र पवार) बनी जिसकी कमान शरद पवार के हाथों में है.
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बता दें कि एनसीपी के दोनों गुटों के भी मर्जर की खबरों ने जोर पकड़ा था. अजित पवार के निधन के बाद दोनों गुटों के एक होने की खबरों पर खूब बयानबाजी भी हुई थी लेकिन बाद में ये मुद्दा ठंडा पड़ गया.
यहां तक कि तृणमूल कांग्रेस के भी कांग्रेस में विलय की चर्चाओं से सियासी माहौल गरमाया रहा. दरअसल, कांग्रेस से ही निकले ये दल मौजूदा समय में सियासी संकट झेल रहे हैं. पार्टी में टूट हो रही है. सांसद-विधायक साथ छोड़ रहे हैं. ऐसे माहौल में कांग्रेस के कई नेताओं ने कहा कि जो लोग भी अलग हो गए उन्हें अब वापस आ जाना चाहिए.
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