अयोध्या राम मंदिर में कथित दान चोरी का मामला गरमाया हुआ है. चंदे में गड़बड़ी की जांच जारी है. इस बीच उद्धव गुट के नेता आदित्य ठाकरे ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने राम मंदिर के मुद्दे पर देश में रथ यात्रा निकाली थी, वहीं बीजेपी के लोग आज अयोध्या में जमीन घोटाले में शामिल हैं. उन्होंने उज्जैन का भी जिक्र किया और कहा कि बीजेपी से ये अपेक्षित नहीं था कि उनके मुख्यमंत्री खुद उज्जैन में जाकर वहां के मास्टर प्लान से छेड़छाड़ करें और वहां भ्रष्टाचार करें. 

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अयोध्या और उज्जैन में कैसे हुआ भ्रष्टाचार?- आदित्य ठाकरे

आदित्य ठाकरे ने कहा, "2029 का चुनाव बीजेपी के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. जिस बीजेपी ने देश में और हम सभी को लेकर हिंदुत्व पर राजनीति की, जिस बीजेपी ने इस देश में दंगे करवाए, आज भी पोलराइजेशन कर रहे हैं. आज ये सारे विधायक या सांसद बीजेपी के साथ बैठ रहे हैं या बीजेपी के पास जाएंगे, मैं उन्हें चैलेंज देता हूं कि आने वाले संसद के सत्र में उनसे पूछें कि उज्जैन में कैसे भ्रष्टाचार हुआ? उनसे पूछिए कि अयोध्या में क्यों भ्रष्टाचार हुआ? क्यों घोटाला किया? हिंदुओं की भावनाओं से क्यों खेला गया?'' 

2029 में परिवर्तन होगा- आदित्य ठाकरे

उद्धव गुट के विधायक ने आगे कहा, ''देश के हिंदू 2029 में ये भी पूछेंगे कि यही वो बीजेपी है जिसने भ्रष्टाचार के आरोपियों को सांसद, मंत्री और मुख्यमंत्री बनाया. क्या यह वही बीजेपी है जो भ्रष्टाचार के खिलाफ थी? क्या यह वही बीजेपी है जो खुद को हिंदुत्व कहलाती थी. अयोध्या जब घोटाला हुआ तो किसी ने सवाल नहीं पूछने दिया. उज्जैन में भी भ्रष्टाचार हुआ तो मुख्यमंत्री को नहीं बदल रहे हैं. 2029 में परिवर्तन होगा. जिन्होंने अयोध्या और उज्जैन में भ्रष्टाचार किया है, उसे इस देश की जनता स्वीकार नहीं करेगी.'' 

सचिन अहिर के पार्टी छोड़ने पर क्या बोले आदित्य ठाकरे?

वहीं, सचिन अहिर के पार्टी छोड़ने के बाद आदित्य ठाकरे ने कहा, ''पिछले चार वर्षों से हम देख रहे हैं कि जिन्हें सब कुछ मिलता है, वे अपने स्वार्थ के लिए पार्टी छोड़कर चले जाते हैं. हम यह काफी समय से देख रहे हैं, इसलिए इसमें कुछ नया नहीं है और न ही कोई झटका लगा है. वरली-शिवड़ी हमारा गढ़ था और आज भी है. वहां हमारा काम बोलता है, इसलिए किसी के आने या जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता.” 

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क्या हम रोज उनकी आरती उतारें- आदित्य ठाकरे

आदित्य ठाकरे ने आगे कहा, “दुर्भाग्य की बात यह है कि जिन्हें हमने सब कुछ दिया, उन्हें आखिर और क्या चाहिए? वे यह भी नहीं कह सकते कि आदित्य ठाकरे उनसे मिलते नहीं थे. वे खुद विधायक हैं, उनकी बेटी को प्रभाग समिति की जिम्मेदारी दी गई है. उन्हें विधायक दल में पद दिया गया है और पार्टी में उपनेता का पद भी दिया गया. क्या हम रोज उनकी आरती उतारें?'' सचिन अहिर को आदित्य ठाकरे का करीबी माना जाता था. अहिर ने शिवसेना (शिंदे गुट) की ओर से विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया है. 

'यह ऑपरेशन टाइगर नहीं, ऑपरेशन देवेंद्र फडणवीस है'

आदित्य ठाकरे ने आगे कहा, “यह ऑपरेशन टाइगर बिल्कुल नहीं है. यह ऑपरेशन देवेंद्र फडणवीस है. अध्ययन करने पर यह स्पष्ट हुआ है कि यह ऑपरेशन फडणवीस है. आज सुबह उन्होंने संदेश भेजा कि वे वरली से चुनाव नहीं लड़ेंगे. यह सिर्फ कहने की बातें हैं. अगर वे चुनाव लड़ते भी हैं, तो उससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा.”

आदित्य ठाकरे ने सचिन अहिर पर कार्रवाई का संकेत देते हुए कहा, “जो भी कार्रवाई होगी, हम करेंगे. बीजेपी के कार्यकर्ता अपना घर-परिवार छोड़कर काम करते हैं, फिर उन्हें बड़े पद क्यों नहीं मिलते? उन्हें सत्ता से दूर क्यों रखा जाता है? या तो आपके पास प्रतिभा नहीं है, या फिर आप अपने कार्यकर्ताओं को आगे नहीं बढ़ाना चाहते.”

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