शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) चाहती है कि कांग्रेस को भी साथ लेकर चला जाए. राउत की इस टिप्पणी से संकेत मिलते हैं कि राज ठाकरे नीत MNS महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) का हिस्सा बन सकती है. हालांकि राउत के बयान के बाद MNS ने कहा कि पार्टी का रुख पार्टी प्रमुख तय करेंगे.

संजय राउत के बयान पर क्या बोले NMS नेता देशपांडे?

MNS नेता संदीप देशपांडे ने शिवसेना नेता की टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा, ‘‘पार्टी ही अपना रुख बताएगी कोई और नहीं. भविष्य में भी केवल हम ही अपना रुख बताएंगे.’’

MNS के संबंध में राउत की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब राज्य में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए चचेरे भाइयों राज ठाकरे और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के हाथ मिलाने की अटकलें हैं. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि MNS प्रमुख एमवीए का हिस्सा बनेंगे या नहीं.

क्या राज ठाकरे एमवीए का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं?

यह पूछे जाने पर कि क्या राज ठाकरे एमवीए का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं, राउत ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘राज ठाकरे भी चाहते हैं कि कांग्रेस, जो एमवीए की एक घटक है, को साथ लेकर चला जाना चाहिए. यही उनका रुख है.’’ राज्यसभा सदस्य ने कहा, ‘‘लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इस पर कोई फैसला हो चुका है.’’

संजय राउत ने कहा कि उन्होंने “कुछ मुद्दों” पर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल से बात की है और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी से भी चर्चा करेंगे उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से बात करेंगे. हालांकि, राज्य कांग्रेस नेताओं के एक वर्ग ने MNS के साथ हाथ मिलाने के किसी भी कदम का विरोध किया है, खासकर आगामी बिहार विधानसभा चुनावों से पहले.

राज्य की राजनीति में हर किसी की अपनी जगह- राउत

राउत ने कहा, ‘‘राज्य की राजनीति में हर किसी की अपनी जगह है. जिस तरह शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की अपनी जगह है, उसी तरह MNS की भी अपनी जगह है और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) और वामपंथी दलों की भी अपनी जगह है.’’

इसके आगे उन्होंने कहा, ‘‘हमारा रुख यह है कि कांग्रेस को सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होना चाहिए. यहां तक ​​कि राज ठाकरे की भी यही राय है.’ उनका इशारा राज, उद्धव और पवार सहित विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल की ओर था, जो मंगलवार को महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात करने वाला है.

हालांकि, MNS नेता देशपांडे ने कहा कि निर्वाचन आयोग से मिलने वाले विपक्षी प्रतिनिधिमंडल का एमवीए से कोई संबंध नहीं है. शिवसेना (उबाठा) और MNS ने अभी तक नगर निकाय चुनावों के लिए गठबंधन की घोषणा नहीं की है, लेकिन उनके नेताओं ने पुष्टि की है कि इसकी योजना है.