Maharashtra News: मोदी कैबिनेट में विभागों के बंटवारे के बाद से विपक्ष बीजेपी को निशाने पर ले रहा है. विपक्ष का आरोप है कि बीजेपी ने बड़े मंत्रालय अपने पास रखे हैं, जबकि सहयोगी को अहम विभाग नहीं दिए गए हैं. वहीं अब शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भी बीजेपी हमला बोला है. इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के शरद पवार पर दिए गए बयान का भी जवाब दिया है.
शिवसेना नेता संजय राउत ने मंगलवार को दावा किया, "केंद्रीय मंत्रिमंडल में विभागों के बंटवारे के बाद बीजेपी के सहयोगी नीतीश कुमार और एन चंद्रबाबू नायडू असंतुष्ट आत्माएं हैं." यहां संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एनसीपी (सपा) प्रमुख शरद पवार के लिए इस्तेमाल किए गए 'भटकती आत्मा' शब्द का जवाब देते हुए कहा कि यह 'भटकती बेचैन आत्मा' तब तक शांत नहीं होगी जब तक केंद्र और महाराष्ट्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकारों को हटा नहीं देती.
'असंतुष्ट आत्माओं को संतुष्ट करे बीजेपी'राज्यसभा सदस्य ने कहा, "अगर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को लगता है कि केंद्र की एनडीए सरकार देश के हित में नहीं है, तो उन्हें इसे गिरा देना चाहिए. केंद्र में दो (बिहार के मुख्यमंत्री) नीतीश कुमार और (टीडीपी प्रमुख) चंद्रबाबू नायडू 'असंतुष्ट आत्माएं' हैं. बीजेपी को इन दोनों अतृप्त आत्माओं को संतुष्ट करना चाहिए."
शिवसेना सांसद, संजय राउत ने कहा, "जिस तरह से विभागों का आवंटन किया गया है, ऐसा लगता है कि सभी आत्माएं खासतौर पर बीजेपी के सहयोगी असंतुष्ट हैं. बुधवार को पोर्टफोलियो आवंटन में, नीतीश कुमार की जनता दल-यूनाइटेड के ललन सिंह को पंचायती राज, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय मिले, जबकि टीडीपी के के राममोहन नायडू को नागरिक उड्डयन मंत्रालय मिला."
पीएम मोदी पर बोला हमलासंजय राउत ने दावा किया, "बीजेपी ने सब कुछ अपने पास रख लिया. शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली कैबिनेट में कोई मुस्लिम मंत्री नहीं है. प्रधानमंत्री मोदी ने चुनावों के दौरान यह स्पष्ट कर दिया था. वे देश में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच दरार डालना चाहते हैं."
'इसलिए मुस्लिमों को नहीं मिला मंत्री पद'राउत ने आरोप लगाया, "उन्हें (बीजेपी) लगता है कि मुसलमानों ने बीजेपी को वोट नहीं दिया, यही वजह है कि वे कैबिनेट में एक भी मुस्लिम नेता नहीं हैं. एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना में कोई जान नहीं है. उन्होंने दावा किया कि इन पार्टियों का गठन डर के कारण और शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) को कमजोर करने के मकसद से किया गया था."
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