उद्धव ठाकरे गुट के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे पार्टी छोड़ने के दो दिन पहले उनके साथ बैठे थे. राउत ने दावा किया कि शिंदे ने उन्हें साथ आने का ऑफर दिया था. सोहित मिश्रा को दिए इंटरव्यू में उन्होंने ये बात कही. 

'मैं भगोड़ा नहीं हूं'

संजय राउत ने कहा, "वो (शिंदे) मुझे बार-बार ये ऑफर दे रहे थे कि यहां क्या रखा है. आप चलो, आप जैसा नेता हमारे साथ रहेगा तो हम 25 साल राज करेंगे." राउत ने इस ऑफर को अस्वीकर कर दिया. उन्होंने कहा, "मैं आज जो भी हूं अपनी पार्टी की वजह से हूं और पार्टी को जब संकट है तो मैं भागकर नहीं जा सकता हूं. मैं भगोड़ा नहीं हूं.  जब मेरे बारे में लिखा जाएगा तो लोग ये नहीं कहेंगे डरपोक और भगोड़ा."

'मैंने कहा आप भी ऐसा मत करिए'

राज्यसभा सांसद ने आगे कहा, "मैंने कहा आप (एकनाथ शिंदे) भी ऐसा मत करिए. हमने ये स्वीकार किया कि जिस बाला साहेब की पार्टी ने हमें सबकुछ दिया है, उस परिवार के साथ मेरा जो रिश्ता रहा तो अगर ये दुख की घड़ी है तो वो भी स्वीकार करना चाहिए. अगर मैं ही भाग गया तो और भी लोग भाग जाते कि एक स्तंभ ही गिर गया और पार्टी को ज्यादा नुकसान होता. मेरी मां हमेशा हमें कहती है कि अगर तुम गलत नहीं हो तो पीछे मत हटना. हमारी पार्टी तो एक आंदोलन है. आंदोलन में ये सब बाते होती हैं, जेल होती है, कोर्ट केस होते हैं, एफआईआर होती है, हमले होते हैं. ये सब आपको सहन करना होता है."

अपनी किताब के बारे में क्या बोले?

अपनी किताब 'नरकातला स्वर्ग' पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "किसी ने मुझसे पूछा कि नर्क क्या होता है? मैंने बोला कि जिस दिन आप जेल में पहला कदम रखते हैं, नर्क शुरू होता है. आपका पूरी दुनिया से संपर्क टूट जाता है. बड़ी-बड़ी पत्थर की दीवारें दिखती हैं और कुछ नहीं दिखता है. एक ऐसी दुनिया है जहां आपकी पहचान नहीं है."