उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत की ओर से डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को 'जयचंद' कहने पर संजय निरुपम ने जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि अगर महाराष्ट्र की राजनीति का कोई 'जयचंद' है, तो वह उद्धव ठाकरे हैं. संजय निरुपम ने उद्धव ठाकरे पर बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व की विचारधारा से गद्दारी करने का आरोप लगाया. साथ ही एकनाथ शिंदे को बहुदर और समर्पित शिवसैनिक बताया.
शिंदे गुट शिवसेना के नेता संजय निरुपम ने कहा, "अगर महाराष्ट्र की राजनीति का कोई 'जयचंद' है, तो वह उद्धव ठाकरे हैं. जिस तरह से उन्होंने 2019 में बीजेपी के साथ चुनाव लड़कर जिस तरीके से बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व की विचारधारा से गद्दारी की और कांग्रेस-शरद पवार के साथ जाकर हाथ मिलाया, यह 'जयचंद' वाली प्रवृति है. इसकी वजह से उनके हाथ से पूरी पार्टी निकल गई.''
एकनाथ शिंदे ने शिवसेना को वापस ट्रैक पर लाया- निरुपम
संजय निरुपम ने आगे शिवसेना प्रमुख और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की तारीफ भी की. उन्होंने कहा, ''एकनाथ शिंदे तो बहादुर और एक समर्पित शिवसैनिक हैं, जिन्होंने शिवसेना प्रमुख के विचारों के आधार पर शिवसेना को वापस पटरी पर लाया और BJP के साथ हिंदुत्व की विचारधारा से प्रेरित सरकार बनाई."
संजय राउत ने क्या कहा?
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जयचंद की फोटो शेयर करते हुए लिखा कि अगर एकनाथ शिंदे शिवसेना के जयचंद नहीं बनते तो मुंबई में बीजेपी का मेयर कभी नहीं बनता! मराठी जनता शिंदे को जयचंद के तौर पर याद रखेगी.
बीएमसी चुनाव में उद्धव ठाकरे को मिली हार
बीएमसी चुनाव के नतीजे शुक्रवार (16 जनवरी) को घोषित किए गए. एक तरफ जहां शिवसेना (यूबीटी) को तगड़ा झटका मिला है, तो वहीं महायुति में जश्न का माहौल है क्योंकि देश की सबसे अमीर महानगरपालिका पर अब उसका कब्जा हो गया है. ऐतिहासिक रूप से बीएमसी पिछले 25 सालों से अधिक समय से शिवसेना का गढ़ रही है. बालासाहेब ठाकरे की विरासत को संरक्षित करने के इरादे से शिवसेना-यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने भाई राज ठाकरे के साथ हाथ मिलाया, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ और हार का सामना करना पड़ा.