महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता जावेद शेख के बेटे राहिल शेख ने जिस महिला के साथ गाली-गलौज की, उन्होंने मीडिया के सामने अपनी बात रखी. सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर राजश्री मोरे ने बताया कि उन्होंने महाराष्ट्र में काम करने वालों लोगों के लिए आवाज उठाई थी इसलिए उन्हें टारगेट किया गया. दो दिन पहले भी एमएनएस ने उन्हें टारगेट किया था.
घटना के बार में उन्होंने कहा, "मैं गोरेगांव से घर आ रही थी. रास्ते में अचानक एक कार मेरी कार को टक्कर मारती है. फिर आगे जाकर बहुत गंदे तरीके से फिर कार को मारती है. रास्ते में मुझे दो पुलिस वाले दिखे. मैंने उनको बोला कि प्लीज मेरी हेल्प करिए. मेरे साथ चलिए, वो पीये हुआ है शायद, उसने मेरी गाड़ी को बार-बार मारा है, तो वो मेरे साथ आए."
'उसने कपड़े तक नहीं पहने थे'
राजश्री मोरे ने बताया, "आगे जाकर हमने उसको पकड़ लिया. जब हमने उसको पकड़ा तो वो इस लायक भी नहीं था कि एक लड़की उसको देख पाए. मुझे इतनी शर्म आ रही थी. उसने कपड़े तक नहीं पहने थे. न जाने किसने उसको मारकर भगाया था, क्या किया था."
'MNS का एंगल उसने चालू किया'
वो आगे कहती हैं, "MNS का एंगल उसने चालू किया. मुझे तो पता भी नहीं था कि वो लड़का कौन है. जब मैंने उसको बोला कि तुमने मेरी कार को क्यों मारा, आप कितने पीये हुए हो. तीन लोग रोड से चल रहे थे, उसने उनके ऊपर भी गाड़ी डाली. उन लोगों ने एकदम साइड में हटकर खुद को बचा लिया."
'वो मुझे बोलता है कि तुझे पता है मेरा बाप कौन है'
न्यूज़ एजेंसी ANI से बातचीत में उन्होंने कहा, "जब मैं उसको बोल रही हूं कि तुझे पता है तूने तीन लोगों को मारने की कोशिश की है और तूने मेरी गाड़ी को मारा है, तब वो मुझे बोलता है कि तुझे पता है मैं कौन हूं. मेरा बाप कौन है, मैं मनसे से हूं. उसने अपना नाम बताना जरूरी नहीं समझा."
'पुलिसवालों के सामने दी गालियां'
राजश्री मोरे ने कहा कि पुलिस वालों ने बहुत अच्छे से सपोर्ट किया. उसको बहुत ज्यादा चर्बी था. न जाने किस चीज की थी. अब वो घर में खाना खाता है या ये चर्बी खाता था, मुझे नहीं पता. वो मुझे पुलिसवालों के सामने गालियां दे रहा था. वो पुलिसवालों के सामने मुझे मारने के लिए भी आया.
दो दिन पहले भी किया गया था टारगेट
राजश्री मोरे को दो दिन पहले भी एमएनएस ने टारगेट किया था, इसको लेकर उन्होंने शिकायत भी की थी. उनसे सवाल किया गया कि क्या आपको लगता है कि ये घटना उससे जुड़ी है तो उन्होंने कहा, "मुझे तो ऐसा ही लगता है. जब एक बार मेरी गाड़ी को मारा गया, उसके बाद वो साइड से निकल सकता था. दोबारा भी मुझे क्यों मारा गया. मेरी गाड़ी बहुत फेमस है. मैं बहुत मेहनत से काम करती हूं. अपने काम में मेरा नाम बहुत अच्छा है. मेरी गाड़ी का नंबर और मेरा फेस लोग जानते हैं. तो मेरी ही गाड़ी को कैसे टारगेट किया गया? अंदर मनसे का ही आदमी कैसे निकला? उससे अगर गलती होती तो बंदा ये बोलता कि सॉरी मुझसे गलती हुई. वो ये नहीं बोलता कि तुझे पता है कि मैं कौन हूं, मेरा बाप मनसे का उपाध्यक्ष है."
'मुझे इसलिए टारगेट किया गया क्योंकि...'
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने कहा, "मुझे इसलिए टारगेट किया गया क्योंकि एक महाराष्ट्रीयन लड़की होने के बावजूद जो हमारे मुंबई में हो रहा है, हमारी मुंबई हमारी मां है. यहां भिन्न भिन्न जाति के लोग यहां मेहनत करने के लिए आते हैं तो मैंने उनके लिए आवाज उठाई थी. यहां पर लोग व्यवसाय करने के लिए आए हैं, यहां पेट भरने के लिए आए हैं तो आप उनको व्यवसाय करने दीजिए. उन लोगों ने मुझे यहां तक बोला है कि तू विभीषण है. ये महाराष्ट्र किसी एक का नहीं है, सबका है."