महाराष्ट्र में शुरू हुआ भाषा का विवाद राज्य की सीमा से बाहर निकल चुका है. बात तू-तड़ाक पर पहुंच चुकी है. भाषा विवाद में भाषा की मर्यादा खत्म होती दिखाई दे रही है. झारखंड से बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे के एक बयान से ये विवाद और गरमा गया. दरअसल, सोमवार (7 जुलाई) को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने राज ठाकरे पर निशाना साधते हुए कह दिया कि वो बिहार, यूपी या तमिलनाडु चला जाए, पटक-पटककर मारेंगे. उनके इस बयान पर अब कांग्रेस भड़क गई है.
'निशिकांत दुबे फर्जी डिग्री गैंग वाला है'
महाराष्ट्र कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटिल ने कहा, "निशिकांत दुबे फर्जी डिग्री गैंग वाला है. सुना है कि उसने कॉलेज की जमीन भी चुराई है. मोदी जी के दरबार का मसखरा है. राजा को खुश करने के लिए कुछ भी उल्टा सीधा बोलते रहता है. ऐसे व्यक्ति को क्या कहना है, वो मराठी लोगों को पटकने की बात करता है."
'ताकत है क्या तुझमें देवेंद्र फडणवीस को उठाकर पटकने की'
बीजेपी सांसद पर भड़कते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, "ताकत है क्या तुझमें देवेंद्र फडणवीस को उठाकर पटकने की? हिला भी नहीं पाएगा इतना वजन है उनका. नितिन गडकरी जी के पास तो तू पास में भी नहीं जा पाएगा. पटकने की बात करता है?"
'ये विवाद भाषा का नहीं है'
अतुल लोंढे पाटिल ने कहा कि ये बेवकूफ इंसान है. ये विवाद भाषा का नहीं है. अगर मराठी, तमिल, मलयालम उनके प्रदेशों को छोड़कर किसी दूसरे प्रदेश में उनकी मातृभाषा के साथ अगर पहली से चौथी कक्षा तक जोड़ दिया जाए तो भाषाई कंफ्यूजन हो सकता है. विवाद इस बात का है.
'सभी भाषा का कांग्रेस सम्मान करती है'
इसके आगे उन्होंने कहा, "सभी भाषा का कांग्रेस सम्मान करती है. लेकिन इस तरह से बालमानस शास्त्र के खिलाफ जाकर बच्चों को कंफ्यूज करने के खिलाफ भी कांग्रेस है. चाहे वो भारत का कोई भी प्रदेश हो. मातृभाषा को पहली से चौथी कक्षा में प्राथमिकता देनी चाहिए. अब ये अनपढ़ लोग खुश करने के लिए कुछ भी बोलते रहते हैं तो इनकी तरफ क्या ध्यान देना है. न अक्ल है न समझ है."