देशभर में चर्चा में रहे नीट पेपर लीक मामले में अब जांच तेजी से आगे बढ़ रही है. केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए उन अभिभावकों से भी पूछताछ शुरू कर दी है, जिन पर अपने बच्चों के लिए लीक प्रश्नपत्र खरीदने का शक है. जांच एजेंसी अब सिर्फ पेपर लीक कराने वालों पर ही नहीं, बल्कि इस पूरे खेल से फायदा उठाने वाले लोगों पर भी नजर रख रही है.
सूत्रों के मुताबिक अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि नीट का लीक पेपर महाराष्ट्र से एक संगठित नेटवर्क के जरिए कई राज्यों तक पहुंचाया गया था. इसी वजह से CBI की जांच फिलहाल महाराष्ट्र के लातूर और पुणे जैसे जिलों पर ज्यादा फोकस कर रही है. एजेंसी की टीमें वहां लगातार छापेमारी और पूछताछ में जुटी हैं.
अभिभावकों और छात्रों से पूछताछ
CBI यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर लीक पेपर किन लोगों तक पहुंचा, सौदे किसने करवाए और इसके बदले कितनी रकम ली गई. जांच में कई अभिभावकों और संदिग्ध छात्रों के नाम सामने आए हैं.
सूत्रों का कहना है कि अब तक 10 से ज्यादा अभिभावकों से पूछताछ की जा चुकी है. एजेंसी को शक है कि कुछ लोगों ने मोटी रकम देकर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र हासिल किया था.
डॉक्टर भी जांच एजेंसियों के रडार पर
जांच के दौरान लातूर के एक बाल रोग विशेषज्ञ का नाम भी सामने आया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने बेटे के लिए लीक पेपर खरीदा था. हालांकि CBI ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है. एजेंसी फिलहाल सबूत जुटाने में लगी हुई है.
सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं. CBI यह भी जांच कर रही है कि क्या देश के दूसरे हिस्सों में भी इसी तरह का नेटवर्क सक्रिय था. माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ नई गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
