नासिक के देवलाली कैंप पुलिस थाना क्षेत्र में दर्ज चर्चित धर्मांतरण और यौन शोषण मामले में पुलिस ने अदालत में विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है. चार्जशीट में आरोपी दानिश एजाज शेख, तौसिफ बिलाल अत्तार, निदा एजाज खान और मतीन मजीद पटेल के खिलाफ आपराधिक साजिश, रेप, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव, आर्थिक धोखाधड़ी, जातिसूचक अपमान, धार्मिक भावनाएं आहत करने और सबूत नष्ट करने समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
पुलिस के अनुसार, यह घटनाक्रम वर्ष 2022 से मार्च 2026 के बीच का है. आरोप है कि पीड़िता की पहचान होने के बाद आरोपियों ने उसे नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और बाद में उसके साथ नजदीकी बढ़ाई. चार्जशीट में कहा गया है कि पीड़िता को TCS में नौकरी मिलने के बाद आरोपी उसके संपर्क में लगातार रहे और उस पर प्रभाव बनाए रखा.
हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियों का आरोप
चार्जशीट के मुताबिक, आरोपियों ने कथित रूप से हिंदू धर्म और देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक बातें कहकर पीड़िता की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई. जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि पीड़िता पर इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया और उसकी इच्छा के विरुद्ध धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया.
शादी का झांसा देकर रेप का आरोप
पुलिस चार्जशीट में दावा किया गया है कि मुख्य आरोपी दानिश शेख ने अपनी पहले से हुई शादी की जानकारी छिपाई और पीड़िता को विवाह का झूठा आश्वासन देकर उसके साथ संबंध बनाए. आरोप है कि नासिक के एक रिसॉर्ट, खंडोबा टेकड़ी क्षेत्र तथा पीड़िता के घर पर कई बार शारीरिक संबंध बनाए गए.
चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि आरोपी तौसिफ अत्तार ने दानिश को पीड़िता के साथ संबंध बनाने के लिए प्रोत्साहित किया.
धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप
जांच के दौरान पुलिस ने आरोप लगाया है कि पीड़िता को उसकी इच्छा के विरुद्ध इस्लाम धर्म से जुड़े मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड कराए गए. उसे इस्लाम से संबंधित वीडियो, रील्स और तस्वीरें लगातार भेजी जाती थीं. आरोपियों ने कथित रूप से उसे धार्मिक पुस्तकें पढ़ने को दीं और बुर्का, हिजाब तथा नमाज जैसी धार्मिक प्रथाओं का पालन करने के लिए दबाव बनाया.
चार्जशीट के अनुसार, पीड़िता की सहमति के बिना उसका नाम बदलकर "हनिया" रखने की कोशिश की गई. आरोप है कि मालेगांव में उसके नाम परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू करने का प्रयास भी किया गया था.
पुलिस ने चार्जशीट में कहा है कि पीड़िता अनुसूचित जनजाति समुदाय से संबंधित है और आरोपियों को इसकी जानकारी थी. इसके बावजूद उस पर कथित तौर पर जातिसूचक और अपमानजनक टिप्पणियां की गईं. जांच एजेंसी का दावा है कि पीड़िता की जाति को लेकर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिससे उसे मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी.
छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के आरोप
चार्जशीट में आरोपी तौसिफ अत्तार पर कार्यालय परिसर में पीड़िता के साथ अश्लील हरकतें करने और शारीरिक निकटता बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित रूप से कंपनी की पैंट्री और अन्य स्थानों पर पीड़िता के साथ अभद्र व्यवहार किया तथा उसे धमकाकर शारीरिक संबंधों की मांग की.
आर्थिक शोषण और विदेश में नौकरी का लालच
जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि दानिश शेख ने विवाह का झांसा देकर पीड़िता से महंगी वस्तुएं और नकद राशि प्राप्त की. इसके अलावा आरोपियों ने उसे मलेशिया में नौकरी दिलाने का लालच भी दिया था.
सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप
पुलिस के अनुसार, मामले के सामने आने के बाद आरोपियों ने मोबाइल फोन से व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य डिलीट कर दिए. चार्जशीट में यह भी उल्लेख है कि कथित घटनाओं के दौरान इस्तेमाल किए गए कुछ कपड़ों और अन्य साक्ष्यों को नष्ट करने का प्रयास किया गया.
फरार आरोपी को शरण देने का आरोप
चार्जशीट में चौथे आरोपी मतीन मजीद पटेल पर आरोप है कि उसने सह-आरोपी निदा खान को पुलिस से बचाने के लिए छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव क्षेत्र में शरण दी. पुलिस का दावा है कि उस समय निदा खान की गिरफ्तारी से पूर्व जमानत याचिका खारिज हो चुकी थी और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी.
कई गंभीर धाराओं में मुकदमा
पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, रेप, धोखाधड़ी, धार्मिक भावनाएं भड़काने, सबूत नष्ट करने, धमकी देने और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. चार्जशीट में कहा गया है कि जांच के दौरान आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं.
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