महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलनों, प्रदर्शनियों तथा व्यावसायिक आयोजनों के लिए एक विश्वस्तरीय बहुउद्देशीय 'कन्वेंशन एवं एग्जीबिशन सेंटर' (Convention & Exhibition Center) का निर्माण किया जाएगा. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि यह महात्वाकांक्षी परियोजना नागपुर के आर्थिक विकास, पर्यटन, उद्योगों और रोजगार सृजन को एक नई गति प्रदान करेगी. उन्होंने अधिकारियों को इस प्रोजेक्ट को वर्ष 2029 तक पूरी तरह से तैयार कर चालू करने का सख्त लक्ष्य दिया है.
सह्याद्री अतिथिगृह में हुई उच्च-स्तरीय बैठक
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में सह्याद्री अतिथिगृह में इस कन्वेंशन सेंटर के संबंध में एक महत्वपूर्ण समीक्षा और प्रस्तुतीकरण (Presentation) बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, ‘मित्रा’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी परदेशी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव लोकेश चंद्रा, MADC के प्रबंध निदेशक दीपक कपूर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. श्रीकर परदेशी, नागपुर मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर मौजूद रहे. इसके अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 'फिरा बार्सिलोना इंटरनेशनल' के सीईओ रिकार्ड जेपाटेरो भी बैठक में शामिल हुए.
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कैसा होगा नागपुर का नया कन्वेंशन सेंटर?
- शानदार कनेक्टिविटी: इसे नागपुर हवाई अड्डा परिसर के आसपास हो रहे शहरी विकास के योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा, जिसमें हवाई, सड़क और रेल संपर्क का विशेष ध्यान रखा गया है.
- सांस्कृतिक और आधुनिक पहचान: यह केवल व्यावसायिक आयोजनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नागपुर की नई पहचान और एक अहम सांस्कृतिक केंद्र के रूप में भी उभरेगा.
- इको-फ्रेंडली और ग्रीन टेक्नोलॉजी: इसकी वास्तुकला बेहद आकर्षक होगी. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि इसमें आधुनिक तकनीक के साथ-साथ ऊर्जा संरक्षण (Energy Conservation), हरित प्रौद्योगिकी (Green Tech) और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाए.
कौशल विकास और रोजगार का बनेगा हब
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस केंद्र को हॉस्पिटैलिटी, मीडिया, इवेंट मैनेजमेंट, पर्यटन और संबंधित सेवा क्षेत्रों के लिए कुशल मानव संसाधन (Skilled Manpower) तैयार करने वाले हब के रूप में भी विकसित किया जाना चाहिए. यह नागपुर को वैश्विक औद्योगिक, प्रदर्शनी और पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगा.
तय समय पर टेंडर और काम पूरा करने के निर्देश
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संबंधित विभागों और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस परियोजना से जुड़ी सभी कागजी प्रक्रियाएं, निविदाएं (Tenders), भूमि हस्तांतरण और निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही पूरे किए जाएं. प्रोजेक्ट को तय समय पर शुरू करने के लिए अभी से युद्धस्तर पर योजना बनाने को कहा गया है.
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