Maharashtra News: ठाणे-भिवंडी-कल्याण को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन-5 परियोजना (Thane Bhiwandi Kalyan Metro Project) में 3 साल की लेटलतीफी का आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने दावा किया है. उन्होंने सूचना अधिकार कानून के तहत मेट्रो परियोजना कार्यान्वयन शाखा से जानकारी मांगी थी. अनिल गलगली को भेजे गये जवाब से एमएमआरडीए के मेट्रो प्रशासन की ढिलाई और परियोजना प्रबंधन की कमी उजागर हुई है. बता दें कि मुंबई मेट्रो लाइन- 5 ठाणे- भिवंडी-कल्याण का काम 1 सितंबर 2019 को अफकॉन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को सौंपा गया था.

मुंबई मेट्रो लाइन-5, ठाणे से भिवंडी और कल्याण तक जाने वाली 24.90 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड कॉरिडोर है, जिसमें  15 स्टेशन हैं. यह काम 1 मार्च 2022 तक पूरा होने की उम्मीद थी. अब नई डेडलाइन 31 मार्च 2025 निर्धारित की गई है. गलगली ने परियोजना की लागत बढ़ने और समय पर काम पूरा नहीं होने के कारण दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है.

मुंबई मेट्रो लाइन- 5 परियोजना में 3 साल की देरी

उन्होंने बताया कि मुंबई मेट्रो लाइन- 5 ठाणे- भिवंडी-कल्याण परियोजना निर्माण की अपेक्षित लागत 898.19 करोड़ है. अब तक लागत के खर्चे में कोई वृद्धि नहीं हुई है. 3 साल की लेटलतीफी को देखते हुए दंडात्मक कार्रवाई के तौर पर सिर्फ 20.88 लाख का जुर्माना लगाया है. 

सूचना अधिकार कानून के तहत खुलासे का दावा

मेट्रो 5 एक महत्वपूर्ण मार्ग है और मौजूदा मेट्रो रूट-4 (वडाला से कासारवडवली) और प्रस्तावित मेट्रो रूट-12 (कल्याण से तलोजा) मध्य रेलवे से जुड़े होंगे. यह मेट्रो लाइन वाणिज्यिक और सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ ठाणे, भिवंडी और कल्याण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगी. अनिल गलगली ने कहा कि यह मेट्रो लाइन मौजूदा यात्रा समय को 50 फीसद से 75 फीसद तक कम कर देगी. यात्रा का समय कम होने से मेट्रो के जरिये सफर करने वाले जल्दी मंजिल तक पहुंच सकेंगे.

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