Sameer Wankhede News: मुंबई की अंधेरी कोर्ट में एडवोकेट मलिका शिरज़ादे और एडवोकेट ज़हरा बल्दीवाला ने अपने मुवक्किल IRS अधिकारी समीर वानखेडे की ओर से एक महिला के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है, जो सोशल मीडिया पर समीर वानखेडे के खिलाफ झूठे और अपमानजनक आरोप फैला रही है.

यह मुकदमा उस महिला के खिलाफ दर्ज किया गया है, जो ट्विटर (एक्स) पर बिना किसी ठोस आधार के समीर वानखेडे का नाम दिवंगत सुशांत सिंह राजपूत के मामले से जोड़ने की कोशिश कर रही है. याचिका के मुताबिक, सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इन भ्रामक और अपमानजनक बयानों से न केवल समीर वानखेड़े की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है, बल्कि उन्हें मानसिक तनाव और पेशेवर नुकसान भी हुआ है.

'वानखेड़े के खिलाफ किए गए दावे पूरी तरह निराधार हैं'एडवोकेट मलिका शिरज़ादे ने कहा, “हमने इस झूठे प्रचार को रोकने के लिए कड़ा क़ानूनी कदम उठाया है. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं है कि कोई भी मनगढ़ंत बातें फैलाकर किसी की छवि धूमिल करे. वानखेड़े के खिलाफ किए गए दावे पूरी तरह निराधार हैं और जनता को गुमराह करने के उद्देश्य से किए गए हैं.”

'कानूनी रूप से की जाए सख्त कार्रवाई'वहीं, एडवोकेट ज़हरा बल्दीवाला ने कहा, “मानहानि कानून किसी भी व्यक्ति को लक्षित उत्पीड़न और चरित्र हनन से बचाने के लिए बनाए गए हैं. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि न्याय मिले और हमारे मुवक्किल के खिलाफ इस तरह के झूठे आरोप लगाने वालों पर कानूनी रूप से सख्त कार्रवाई की जाए.”

'जल्द पूरी की जाएगी आगे की कानूनी प्रक्रिया'मुकदमे में मानहानि के लिए मुआवजे की मांग की गई है और आरोपी को भविष्य में इस तरह के झूठे बयान देने से रोकने के लिए तत्काल निषेधाज्ञा (इंजंक्शन) जारी करने की अपील की गई है. मामला संबंधित न्यायिक मंच पर दर्ज किया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी.

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