महाराष्ट्र विधानसभा में 'कनेक्टिंग लिंक' (मिसिंग लिंक) परियोजना पर विपक्ष के हमलों और सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों का मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने करारा जवाब दिया है. उन्होंने कोंकण रेलवे के निर्माण के समय आई शुरुआती दिक्कतों का उदाहरण देते हुए कहा कि महायुति सरकार ने हिम्मत दिखाकर इस 'वैश्विक इंजीनियरिंग अजूबे' को पूरा किया है. इस ऐतिहासिक परियोजना में देश की सबसे चौड़ी सुरंग और सबसे ऊंचा केबल-स्टेड पुल शामिल है.
पिछली अघाड़ी सरकार पर बड़ा खुलासा
मुख्यमंत्री फडणवीस ने पिछली महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार पर निशाना साधते हुए एक बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया कि पिछली सरकार ने 14 कारणों की दो पन्नों की एक नोट लिखकर इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की फाइल को हमेशा के लिए बंद कर दिया था.
भूस्खलन पर अफवाहें फैलाने वालों को दिया जवाब
हाल ही में परियोजना स्थल के पास हुए भूस्खलन को लेकर राजनीति कर रहे विरोधियों पर भी मुख्यमंत्री फडणवीस ने तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर झूठ फैलाकर जनता में डर का माहौल बनाया गया. उन्होंने सदन में साफ किया कि मुख्य सुरंग और पुल पूरी तरह से सुरक्षित हैं. भूस्खलन के बाद मात्र 18 घंटे के भीतर यातायात बहाल कर दिया गया था.
मुख्यमंत्री फडणवीस ने तंज कसते हुए कहा, "7,000 करोड़ रुपये पानी में जाने का ढिंढोरा पीटने वालों का मुंह तब बंद हो गया, जब हमारी आपातकालीन टीम ने महज 3 मिनट में मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाल लिया."
ट्रोलर्स को सख्त चेतावनी: 'मैं गाली-प्रूफ हो चुका हूं'
सोशल मीडिया पर सक्रिय और पैसे लेकर दुष्प्रचार करने वाले ट्रोलर्स को मुख्यमंत्री फडणवीस ने सख्त लहजे में चेतावनी दी. उन्होंने कहा, "मैं खुद अब 'गाली-प्रूफ' हो चुका हूं. आने वाले 10 वर्षों में इन विरोधियों का नामोनिशान नहीं होगा, लेकिन यह प्रोजेक्ट हमेशा मेरे और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नाम से जाना जाएगा."
उन्होंने अपना रुख साफ करते हुए कहा, "मुझे जितना चाहे बदनाम करो, लेकिन महाराष्ट्र को बदनाम मत करो. महाराष्ट्र के अपमान को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसा करने वालों को मैं छोड़ूंगा नहीं."
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