Mumbai Crime News: आज इंसान की जान इतनी सस्ती हो गई है कि ज़रा-सी रंजिश, थोड़ी-सी कहासुनी या जमीन का छोटा-सा टुकड़ा भी खून-खराबे की वजह बन जाता है. जहां कभी रिश्ते भावनाओं से जुड़े होते थे, अब वही रिश्ते-नाते दुश्मनी में बदलते जा रहे हैं. मुंबई में गुरुवार (10 अप्रैल) को ऐसी दो घटनाएं सामने आईं, जिनमें न ज़मीर बचा, न रहम अगर बची तो सिर्फ लाशें और तफ्तीश की कहानियां.

बांद्रा में जमीन बना हत्या की वजहपहली घटना बांद्रा इलाके की है, जहां दरगाह की ज़मीन के मालिकाना हक को लेकर 46 वर्षीय शाकिर अली शेख की निर्मम हत्या कर दी गई. गुरुवार (10 अप्रैल) शाम चार लोगों ने मिलकर उन पर धारदार हथियार से हमला किया. गंभीर रूप से घायल शाकिर की मौके पर ही मौत हो गई. 

इस जघन्य वारदात के बाद बांद्रा पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए इमरान नासिर खान, उस्मान अली जाकिर अली शेख, जाकिर अली शेख और फातिमा उर्फ कायनात इमरान खान को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में जमीन विवाद को हत्या की वजह माना जा रहा है.

नागपाड़ा में पारिवारिक रंजिश की भेंट चढ़ा शख्सदूसरी घटना नागपाड़ा इलाके में हुई, जहां पारिवारिक रंजिश ने एक और जान ले ली. बोईसर निवासी अजित खारवा अपने 22 वर्षीय बेटे अभय के साथ मोबाइल खरीदने नागपाड़ा आया था. वहीं उसकी मुलाकात उसके बहनोई विजय चतुर खारवा और उसके बेटों से हो गई. पुरानी रंजिश फिर से ताजा हो गई और देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया. 

विजय और उसके बेटों ने मिलकर अजित पर धारदार हथियार से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई. घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जे.जे. अस्पताल भेजा और जांच शुरू की.

दोनों घटनाएं न सिर्फ इंसानी संवेदनाओं पर सवाल उठाती हैं, बल्कि इस बात की चेतावनी भी देती हैं कि कहीं हम रिश्तों, कानून और ज़िंदगी की अहमियत को भूल तो नहीं रहे? छोटी-छोटी बातों पर जान लेने की सोच समाज को किस दिशा में ले जा रही है यह सोचने का समय आ गया है.