मुंबई के गोरेगांव (ईस्ट) में स्थित एक सोसाइटी की 23वीं मंजिल से गिरकर एक 17 साल की स्टूडेंट की मौत हो गई, यह घटना गुरुवार की है. हैरान करने वाली बात है कि इसी सोसाइटी में यह चौथी घटना है जब किसी विद्यार्थी की इमारत से गिरने से मौत हुई है.
आरे पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविन्द्र पाटिल ने बताया कि इस घटना से पहले भी 3 बच्चों की इमारत से गिरने की वजह से मौत हो गई थी. जांच में आता चला था कि वे सभी किसी न किसी वजह से डिप्रेशन में थे जिसके चलते वे इमारत से कूद गए.
छलांग लगाई थी या गलती से गिरी थी?
पाटिल ने आगे बताया कि इस घटना में अब तक ऐसा सामने नहीं आया है की बच्ची ने इमारत से छलांग लगाई थी या गलती से गिरी थी. जांच के दौरान हमे लड़की के पास एक पेंसिल मिली थी और यह भी संज्ञान में आया कि लड़की अपने बेडरूम विंडो पर कुछ लिख रही थी.
सभी पीड़ितों की उम्र 16 से 22 साल के बीच रही
पाटिल ने आशंका जताई कि हो सकता है लड़की गलती से गिरी हो और कहा कि हम हर पहलू से मामले की जांच कर रहे हैं. पाटिल ने यह भी बताया कि सोसाइटी में पिछले 10 महीनों में 3 बच्चों ने छलांग लगा कि थी जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई थी. सभी पीड़ितों की उम्र 16 से 22 साल के बीच रही है.
पुलिस के मुताबिक, लड़की अपने घर के बेडरूम से गिरी. फ्लैट 23वीं मंजिल पर था और बिल्डिंग में कुल 54 मंज़िलें हैं. लड़की क्लास 11 की स्टूडेंट थी और इकलौती संतान थी. उसके पिता बिल्डर हैं.
तुरंत जाया गया नजदीकी अस्पताल
लड़की लंदन पढ़ाई के लिए जाने वाली थी. घटना के वक्त उसके माता-पिता घर पर ही थे, लेकिन अपने कमरे में थे. दोपहर करीब साढ़े तीन बजे लड़की इमारत से नीचे गिर गई. जिसके बाद उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
पुलिस ने पंचनामा किया और पिता का बयान दर्ज किया. फिलहाल पुलिस ने मामला एक्सीडेंटल डेथ के तौर पर दर्ज किया है, लेकिन हर एंगल से जांच जारी है.
पाटिल ने आगे बताया कि वे और एक्सपर्ट्स अब इस इमारत में रहने वाले सभी बच्चों और उनके परिजनों से मिलेंगे. बच्चों में होने वाली समस्या समझ कर उन्हें अगर काउंसलिंग की आवश्यकता है तो वो भी किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसा कदम कोई बच्चा न उठाये.