मुंबई में मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में बीजेपी सोशल मीडिया सेल के कोऑर्डिनेटर की शिकायत पर एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. शिकायत में महाराष्ट्र कांग्रेस के आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट के माध्यम से हिंसा भड़काने का आरोप लगाया गया है.

जानकारी के अनुसार, FIR भारतीय दंड संहिता की धारा 192, 353(1) और 353(2) के तहत दर्ज की गई है. ये धाराएं उकसावे से दंगे भड़काने और सार्वजनिक शांति भंग करने से संबंधित हैं. शिकायत में कहा गया है कि कांग्रेस के आधिकारिक हैंडल से साझा किए गए पोस्ट में विभिन्न विरोध प्रदर्शन और भाजपा कार्यालयों में आग लगाने जैसी घटनाओं की तस्वीरें दिखाई गई थीं, जिससे हिंसा और अशांति को बढ़ावा मिल सकता है.

आरोपी की जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अज्ञात आरोपी की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं. FIR दर्ज होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से संबंधित पोस्ट की सत्यता और उसके प्रभाव की भी जांच की जा रही है. अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी प्रकार की अशांति या कानून का उल्लंघन सार्वजनिक तौर पर न हो.

राजनीतिक दलों को जिम्मेदारी से करना चाहिए पोस्ट- बीजेपी

बीजेपी सोशल मीडिया सेल के कोऑर्डिनेटर ने कहा कि राजनीतिक दलों को सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से पोस्ट करना चाहिए. उन्होंने बताया कि ऐसा पोस्ट केवल लोगों को भड़काने और तनाव पैदा करने के उद्देश्य से किया गया है. उन्होंने पुलिस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि कानून को हाथ में लेने की बजाय उचित प्रक्रिया के तहत मामला दर्ज करना सही कदम है.

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर राजनीति गर्म हो गई है. कुछ लोगों ने कांग्रेस के इस पोस्ट की आलोचना की, तो वहीं कुछ ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत देखा. पुलिस ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील की है.

आरोपी की पहचान होने पर होगी कानूनी कार्रवाई

मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि FIR दर्ज होने के बाद जांच के दायरे को बढ़ाते हुए डिजिटल सबूत, पोस्ट के स्क्रीनशॉट और संबंधित सोशल मीडिया गतिविधियों का विश्लेषण किया जा रहा है. आरोपी की पहचान होने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

यह मामला सोशल मीडिया पर राजनीतिक पोस्ट और उनकी संवेदनशीलता पर एक बार फिर ध्यान खींचता है. अधिकारी स्पष्ट कर रहे हैं कि किसी भी पोस्ट से हिंसा या सार्वजनिक अशांति बढ़े, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.