मुंबई के दादर में NEET पेपर लीक मामले के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया और उन्हें पुलिस वैन में बैठाया. इस बीच हिरासत में लिए गए छात्रों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उन्हें झूठे नशीले पदार्थों (ड्रग्स) के केस में फंसाने की धमकी दी. एबीपी न्यूज़ से बातचीत करते हुए हर्षवर्धन कदम नाम के एक छात्र ने पुलिस प्रशासन के रवैये और दी गई धमकियों को लेकर अपनी पूरी बात सामने रखी.

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जेब में ड्रग्स डालकर पुलिस ने दी फंसाने की धमकी

वैन में मौजूद छात्र हर्षवर्धन कदम ने एबीपी न्यूज़ से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें धमकी दी. हर्षवर्धन कदम ने बताया कि पुलिस ने कहा, ''तुम्हारी जेब में 50-50 ग्राम ड्रग्स (पाउडर) डालकर तुम्हें ऐसे केस में फंसा देंगे कि तुम्हें जमानत भी नहीं मिलेगी.'' कदम ने ये भी बताया कि मैं तो अपनी सेफ्टी के लिए वीडियो बना रहा था कि अगर कुछ गलत होता है तो वीडियो फॉरवर्ड कर दूंगा."

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिसकर्मी का अस्थाई ट्रांसफर

बताया जा रहा है कि धमकी देने वाला पुलिसकर्मी सायन पुलिस स्टेशन में पोस्टेड है. वीडियो वायरल होने के बाद उसका अस्थाई ट्रांसफर कर दिया गया. वीडियो पर महाराष्ट्र सरकार विपक्षी पार्टियों के निशाने पर है.

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बता दें कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) समर्थित आंदोलन के समर्थन में मुंबई के कुछ हिस्सों में हुए हालिया प्रदर्शनों के मद्देनजर मुंबई पुलिस ने पूरे शहर में एहतियाती कदम उठाए हैं. पुलिस द्वारा मंगलवार को जारी आदेश के अनुसार गुरुवार (23 जुलाई) से 6 अगस्त तक पूरे मुंबई में निषेधाज्ञा लागू रहेगी. इस दौरान पांच या उससे अधिक लोगों के जमा होने, जुलूस निकालने और किसी भी प्रकार की गैरकानूनी सभा पर प्रतिबंध लागू रहेगा.

सैकड़ों प्रदर्शनकारियो के खिलाफ एफआईआर दर्ज

प्रशासन का कहना है कि यह फैसला कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति को रोकने के मकसद से लिया गया है. पुलिस ने आम लोगों से आदेशों का पालन करने और शांति बनाए रखने की अपील की है. पुलिस के अनुसार, दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी आंदोलन के समर्थन में मुंबई के कई इलाकों में प्रदर्शन हुए थे. इन प्रदर्शनों के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 900 लोगों के खिलाफ 8 एफआईआर दर्ज की हैं. 

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