दिल्ली के विद्यार्थी आंदोलन में शामिल होने के लिए अब महाराष्ट्र से मराठा आंदोलन के बड़े चेहरे मनोज जरांगे भी आ रहे हैं. मनोज जरांगे ने तय किया है कि वह जंतर-मंतर आकर छात्रों से मुलाकात करेंगे. इस दौरान मराठा नेता मनोज जरांगे ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा, "इतना क्रूर सरकार पहली बार देखी है."

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बुधवार (22 जुलाई) ने सीजेपी के इस प्रोटेस्ट को 100 फीसदी समर्थन देने का ऐलान किया है. उन्होंने छात्रों पर हुई कार्रवाई को अमानवीय बताया और सरकार से कहा है कि लोकतांत्रिक आंदोलन को मत बताइए. 

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11 बजे जंतर-मंतर पहुंचेंगे मनोज जरांगे

जानकारी के मुताबिक, मनोज जरांगे बुधवार सुबह करीब 7 बजे तक जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव से छत्रपति संभाजीनगर के लिए रवाना हुए. वहां से विमान द्वारा दिल्ली पहुंचेंगे और सुबह 11.00 बजे जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात करेंगे. 

गौरतलब है कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे हैं. इसी आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए मनोज जरांगे दिल्ली पहुंच रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे छात्रों के संघर्ष के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं और उनसे मिलकर अपना समर्थन व्यक्त करेंगे. 

'जितनी निंदा करो उतनी कम'- मनोज जरांगे

इस बीच, कल छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर भी मनोज जरांगे ने सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा, "छात्रों पर जिस अमानवीय तरीके से लाठीचार्ज किया गया, उसकी जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है. इतना क्रूर सरकार पहली बार देखने को मिल रहा है." जरांगे ने कहा कि छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की घटना ने उन्हें बेहद आहत किया है. मनोज जरांगे ने कहा कि यदि महाराष्ट्र में बीजेपी सरकार छात्रों को लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन भी नहीं करने देगी, तो इस सरकार का घमंड तोड़ना पड़ेगा.

मनोज जरांगे ने सवाल उठाया कि अगर सरकार लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने की अनुमति नहीं देगी, तो देश के छात्र आखिर कैसे जियेंगे? उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि आखिर कब तक यह सब सहन करना पड़ेगा?

मनोज जरांग की सरकार को चेतावनी

मराठा नेता ने कहा कि इस घटना से साफ पता चलता है कि सरकार में कितना अहंकार आ गया है. 20 जुलाई की घटना बेहद भयावह थी. उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि रात से ही मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस देश और इस राज्य में सरकार ने लोकतंत्र को जिंदा रखा है या नहीं. उन्होंने बीजेपी सरकार से अपील की कि छात्रों को लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने दिया जाए और उन पर दमन न किया जाए. 

जरांगे ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो इसका खामियाजा सरकार को राज्य और देश दोनों जगह भुगतना पड़ेगा. जरांगे ने यह भी स्पष्ट किया कि वे छात्रों के साथ पूरी तरह खड़े है और छात्रों को हर संभव और शत-प्रतिशत समर्थन देंगे.

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