महाराष्ट्र में 12 जिला परिषद और 125 पंचायत समितियों के चुनाव परिणाम में बीजेपी ने हैट्रिक मार दी है. राज्य में तीसरे चरण के चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी ने सबसे अधिक सीटें जीतकर बाजी मार ली है. 

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जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में बीजेपी ने महायुति के सहयोगी दलों और महाविकास आघाड़ी के दलों से ज्यादा सीटें जीतकर यह साबित कर दिया है कि राज्य की जनता का जनादेश उसी के पक्ष में है. इसी के साथ यह भी साफ हो गया है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण आज की राजनीति की जोड़ी नंबर-1 हैं.

बीजेपी ने दर्ज की अनोखी हैट्रिक

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व और प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की सशक्त रणनीति के बल पर भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में सबसे ज्यादा सीटें जीतने की एक अनोखी हैट्रिक दर्ज की है. नवंबर में हुए नगर परिषद चुनाव, उसके बाद जनवरी में संपन्न महानगरपालिका चुनाव और अब फरवरी में हुए जिला परिषद चुनाव, इन सभी में देवेंद्र और रविंद्र की इस प्रभावशाली राजनीतिक जोड़ी ने सटीक चुनावी योजना, मजबूत प्रचार तंत्र, स्थानीय स्तर पर संगठन और राज्य स्तर के नेतृत्व के बीच सीधा संवाद और समन्वय स्थापित कर बीजेपी की एक सक्षम और मजबूत पार्टी यंत्रणा खड़ी की. 

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स्थानीय नेतृत्व को शीर्ष नेतृत्व का संरक्षण भी मिला

इसके चलते स्थानीय नेतृत्व को शीर्ष नेतृत्व का संरक्षण भी मिला और अनुशासन का दबाव भी महसूस हुआ. इसका सकारात्मक असर यह हुआ कि पार्टी ने कई स्थानों पर बेहद चौंकाने वाली और ऐतिहासिक जीत दर्ज की. इस सफलता के प्रमुख शिल्पकार देवेंद्र फडणवीस और इसके कुशल सूत्रधार रविंद्र चव्हाण हैं, इसमें कोई संदेह नहीं. रविंद्र चव्हाण को एक सिद्ध चुनावी नेता के रूप में जाना जाता है. वे जमीन से जुड़े हुए और कार्यकर्ताओं के बीच रहने वाले प्रदेश अध्यक्ष हैं.

चुनाव में आवश्यक साम, दाम, दंड और भेद का संतुलित उपयोग करते हुए भी वे विचारधारा के सूत्र से कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को जोड़ने वाला नेतृत्व प्रदान करते हैं. यही कारण है कि दिल्ली और नागपुर, दोनों सत्ता केंद्रों से उनके घनिष्ठ संबंध हैं. साथ ही उन्हें देवेंद्र फडणवीस का निरंतर समर्थन और सहयोग हमेशा प्राप्त होता रहा है.