महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने सोमवार (12 जनवरी) को महायुति गठबंधन पर कड़ा हमला किया. ठाकरे ने आरोप लगाया कि महायुति के नेता विकास कार्य करने का दावा तो करते हैं, लेकिन निकाय चुनावों में वोट हासिल करने के लिए पैसों की पेशकश की जा रही है.
उन्होंने कहा कि 15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों में कई तरह की अनियमितताएं हो रही हैं. जबकि पुलिस और चुनाव तंत्र इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं.
चुनाव से हटने के लिए उम्मीदवारों को पेश की जा रही भारी रकम- राज ठाकरे
राज ठाकरे ने सोलापुर में विद्यार्थी सेना के एक नेता की हत्या का भी जिक्र किया और बताया कि उम्मीदवारों को चुनाव से रोकने के लिए ‘एबी फॉर्म निगलने’ जैसी अजीबोगरीब घटनाएं हो रही हैं. उन्होंने मंच पर अपनी पार्टी के कुछ उम्मीदवारों का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें चुनाव से हटने के लिए भारी रकम की पेशकश की गई. ठाकरे ने बताया कि कल्याण डोम्बिवली के उम्मीदवार शैलेश, मनीषा और पूजा धत्रक को 15 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी, जबकि सुशील अवते ने एक करोड़ रुपये की रिश्वत ठुकरा दी. राजश्री नाइक को पांच करोड़ रुपये की पेशकश हुई, जिसे उन्होंने भी स्वीकार नहीं किया.
प्रत्येक घर को रुपये बांटकर खरीदी जा रही वोट- ठाकरे
ठाकरे ने कहा कि इन सभी उम्मीदवारों ने प्रस्ताव को ठुकराकर मैदान में बने रहकर महाराष्ट्र के ‘स्वाभिमानी खून’ को साबित किया. उन्होंने महायुति पर आरोप लगाया कि एक तरफ विकास का दावा किया जा रहा है. वहीं दूसरी तरफ प्रति घर 5,000 रुपये बांटकर वोट खरीदे जा रहे हैं. ठाकरे ने इसे चुनाव को बाजार बनाने की कोशिश बताया.
महाराष्ट्र में 29 नगर निकायों के लिए मतदान 15 जनवरी को होगा और मतगणना अगले दिन होगी. इस दौरान मनसे का जोर है कि जनता को ऐसी अनियमितताओं से सावधान रहना चाहिए.
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