ठाणे जिले के मुरबाद तहसील के मोरोशी गांव में स्थित एक सरकारी आश्रम (आवासीय) स्कूल में पढ़ने वाली 16 वर्षीय आदिवासी छात्रा ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. यह घटना गुरुवार (26 दिसंबर) सुबह की बताई जा रही है. जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है.

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इस दुखद घटना ने सरकारी आश्रम स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और सुविधाओं को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि पुलिस स्कूल प्रशासन से पूछताछ कर मामले की जांच में कर रही है.

फंदे से लटका मिला 10वीं की छात्रा का शव

पुलिस के अनुसार, छात्रा कक्षा 10वीं में पढ़ती थी और स्कूल के छात्रावास में रहती थी. गुरुवार सुबह जब अन्य छात्राओं ने उसे कमरे से बाहर न आते देखा तो इसकी जानकारी स्कूल प्रशासन को दी गई. बाद में छात्रावास के कमरे में छात्रा का शव फंदे से लटका हुआ पाया गया. इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

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आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस

फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि छात्रा ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया. पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. छात्रा के परिवार वालों से भी पूछताछ की जा रही है. ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके.

अभिभावकों ने स्कूल पर लापरवाही का लगाया आरोप

इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे हैं. कुछ अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल में बच्चों पर अत्यधिक सख्त अनुशासन थोपा जाता है, जिससे छात्र मानसिक दबाव में रहते हैं. वहीं, कुछ दिन पहले ही आदिवासी कल्याण मंत्री अशोक उइके ने स्कूल का दौरा किया था. उस दौरान उन्होंने स्कूल में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर नाराजगी भी जताई थी.

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