महाराष्ट्र में सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं बुधवार (5 अगस्त) से प्रभावित हो सकती हैं. सेंट्रल MARD (महाराष्ट्र स्टेट एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स) ने राज्यभर के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 5 अगस्त की आधी रात 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है.

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सेंट्रल MARD का कहना है कि BHMS-CCMP (सर्टिफिकेट कोर्स इन मॉडर्न फार्माकोलॉजी) नीति को लेकर सरकार और संबंधित अधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन कोई संतोषजनक आश्वासन नहीं मिला. संगठन का कहना है कि यह मामला फिलहाल अदालत में लंबित है और जब तक कानूनी और नियामकीय ढांचा स्पष्ट नहीं हो जाता, तब तक इस नीति को लागू नहीं किया जाना चाहिए.

रेजिडेंट डॉक्टरों की क्या हैं मुख्य मांगें?

रेजिडेंट डॉक्टरों की प्रमुख मांगों में अदालत के अंतिम फैसले तक BHMS-CCMP रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पर तत्काल रोक, वैज्ञानिक और कानूनी रूप से मजबूत नियामकीय व्यवस्था लागू करना, मरीजों की सुरक्षा और आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था की गुणवत्ता बनाए रखना तथा महाराष्ट्र के रेजिडेंट डॉक्टरों के लंबे समय से लंबित मुद्दों का समाधान शामिल है.

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इमरजेंसी और कैजुअल्टी सेवाएं रहेंगी जारी

MARD ने स्पष्ट किया है कि 5 और 6 अगस्त के पहले 24 घंटों के दौरान केवल इमरजेंसी और कैजुअल्टी सेवाएं जारी रहेंगी, जबकि ओपीडी, नियमित मरीजों का इलाज, वैकल्पिक (इलेक्टिव) सर्जरी, रूटीन ड्यूटी और शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह बंद रहेंगी.

6 अगस्त से इमरजेंसी सेवाएं बंद करने की चेतावनी

अगर सरकार के साथ कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकलता है तो 6 अगस्त से इमरजेंसी सेवाएं भी बंद कर दी जाएंगी और रेजिडेंट डॉक्टर पूरी तरह काम से अलग रहेंगे. इस हड़ताल के कारण राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में ओपीडी, सर्जरी और अन्य नियमित मेडिकल सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित होने के आसार हैं, जिससे बड़ी संख्या में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

सरकार से जल्द समाधान निकालने की अपील

सेंट्रल MARD ने कहा है कि उनका आंदोलन किसी चिकित्सा पद्धति या उसके डॉक्टरों के खिलाफ नहीं है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और वैज्ञानिक एवं कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है. संगठन ने सरकार से जल्द समाधान निकालने की अपील भी की है.

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