शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए रविवार को कहा कि जो सरकार जवाबदेह नहीं, उसे बदलने के लिए अब लड़ाई शुरू की जानी चाहिए.

Continues below advertisement

ठाकरे ने मुंबई में एक रैली को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित अनियमितताओं और इससे 'जुड़ी विद्यार्थियों की आत्महत्या' की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार पर युवाओं का भविष्य छीनने का आरोप लगाया.

इन मुद्दों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर हैं.

Continues below advertisement

ठाकरे ने संसद का मानसून सत्र शुरू होने से एक दिन पहले सरकार की आलोचना करते हुए यह टिप्पणी की. हाल में उनकी पार्टी के छह लोकसभा सदस्य पाला बदलकर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली प्रतिद्वंद्वी शिवसेना में शामिल हो गए थे.

नासिक में सगाई से नाराज पूर्व प्रेमी ने युवती की चाकू मारकर की हत्या, खुद भी किया सुसाइड

ठाकरे ने बीजेपी को दिलाई यूपीए सरकार की याद

ठाकरे ने कहा, 'जो सरकार जवाबदेह नहीं है, उसे बदलने के लिए अब लड़ाई शुरू की जानी चाहिए. यह लड़ाई केवल सोनम वांगचुक के बारे में नहीं है.'

ठाकरे ने सवाल किया कि शून्य से नीचे तापमान में काम करने वाले सैनिकों के लिए सौर ऊर्जा से गर्म रहने वाले तंबू बनाने और लद्दाख में पानी की समस्या दूर करने के लिए हिम स्तूप तैयार करने वाले वांगचुक को 'राष्ट्र-विरोधी' कैसे कहा जा सकता है.

उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने 2011 में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के अनिश्चितकालीन अनशन के दौरान उनसे बातचीत के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजा था.

आमिर खान को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से धमकी पर बोले मंत्री योगेश कदम, 'हमने उनके घर पर पुलिस...'

ठाकरे ने कहा, '(प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने वांगचुक के मामले में ऐसा क्यों नहीं किया?'

सामाजिक कार्यकर्ता वांगचुक नीट में कथित अनियमितताओं और परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले रद्द किए जाने के बाद कई विद्यार्थियों की आत्महत्या के मुद्दे को लेकर 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं.