महाराष्ट्र निव निर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा है. राज ठाकरे ने कहा, "जिस प्रकार से हर चुनाव क्षेत्र में घोटाला चल रहा है, वह आज का नहीं है.. हमने पहले भी वोटिंग मशीन के खिलाफ आवाज उठाई थी. मैं तब क्या बोल रहा था तब किसी ने गंभीरता से नहीं लिया.

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उन्होंने कहा, आज भी देखिए 232 विधान सभा चुनाव में जीतकर आए फिर सब सब शांत थे.. कोई उत्साह नहीं... वोट देने वाले और चुनकर आने वाले दोनों हैरान थे. कैसे जीत मिल रही है..सब कहते है, राज ठाकरे की सभा में लोग आते हैं.. लेकिन भीड़ नहीं आ रही, ऐसा होगा तो लोग कैसे आएंगे. हर शहर में वोटर भर दिए है, ऐसे चुनाव होगा देश में तो किसलिए चुनाव हो रहे है.. अगर ऐसे चुनाव हो रहा है तो मतदारों का अपमान है..आप वोट दे या ना दे मैच फिक्सिंग हुआ है." 

'सरकार के लोग क्यों करते हैं दखल'

राज ठाकरे ने कहा, "ये किस प्रकार का लोकतंत्र है, और बाद में कहते हैं, इनका एक भी विधायक और सांसद चुनकर नहीं आया...अरे रिजल्ट तो पहले से तय है... हम चुनाव आयोग से कह रहे है, कि वोटर लिस्ट ठीक करो तो सरकार के लोग क्यों बोल रहे है. सभी को पता है, यह सरकार कैसे आई... यही लोग जब विरोध में थे आज मैं जो बोल रहा हूं यही बात वे लोग बोलते थे." 

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राज ठाकरे ने कहा, सभी से विनती है, की सर्तक रहिए... इसलिए आपको बुलाया है. मेरे लोग आपके पास आएंगे तो उनकी मदद करें... एक एक घर में 8 लोग भरे जा रहे है...जब तक इस मामले पर कोई हल नहीं निकलता तब तक महाराष्ट्र में चुनाव होना ही नहीं चाहिए, पहले वोटर लिस्ट साफ करिए.

'वोटर लिस्ट साफ नहीं होने पर न हो महाराष्ट्र में चुनाव'

राज ठाकरे ने कार्यकर्ताओं से अनुरोध किया है कि कहां कौन-कौन रह रहा है, उसकी वोटर लिस्ट आप सभी चेक करना शुरू करिए, अपने आप सब कुछ सामने आ जाएगा. राज ठाकरे ने आगे कहा, हर घर में जाकर जांच करना शुरू करें, जब तक वोटर लिस्ट साफ नहीं होती महाराष्ट्र में चुनाव मत लीजिए. कहा कि महानगरपालिका चुनाव में इतने साल चले गए और 1 साल जाने दो लेकिन वोटर लिस्ट साफ होनी चाहिए.

राज ठाकरे ने कहा, "मैं डेवलपमेंट के बीच में नहीं आता लेकिन मराठी आदमी को परेशानी होगी तो सहन नहीं होगा.. ये सब नए रास्ते उद्योगपतियों के लिए बना रहे हैं... हमारे ही मराठी लोग उन्हें दलाल बनकर जमीन दे रहे हैं. ये सब पहले से प्लान किया गया है.. गुजरात को मुंबई चाहिए थी." ठाकरे ने कहा यह भी कहा, "मुंबई महाराष्ट्र को ना मिले यह बात पहले सरदार वल्लभभाई पटेल थे, आचार्य अत्रे की बुक पढ़िए आपको समझ में आएगा विश्वास नहीं होगा."