महाराष्ट्र के भिवंडी शहर की बदहाल सड़कों ने एक बार फिर शख्स जान ले ली. वंजारपट्टी नाका इलाके में उबड़-खाबड़ सड़क और कंक्रीट व पेवर ब्लॉक के बीच बने असमतल गैप के कारण दो पहिया वाहन फिसल गया, जिससे एक डॉक्टर की मौत हो गई. 

मृतक का नाम डॉ. मोहम्मद नसीम अंसारी (58) बताया जा रहा है. वह अपने घर लौट रहे थे, तभी यह भीषण हादसा हुआ. मध्य रात्रि के समय सिराज अस्पताल के सामने उनकी एक्टिवा स्कूटी फिसल गई और पीछे से आ रहे कंटेनर के पहिए के नीचे आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई. 

गुस्साए लोगों ने किया प्रदर्शन

इस हादसे के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया. वंजारपट्टी नाका स्थित एपीजे अब्दुल कलाम उड़ान पुल पर गड्ढे भरने का काम चलने के कारण भारी वाहनों को नीचे से डायवर्ट किया गया था. इसी दौरान यह हादसा हुआ. नागरिकों ने भारी वाहनों की आवाजाही रोकने की मांग करते हुए रास्ता रोको आंदोलन किया.

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए शासकीय अस्पताल भेजा गया. कंटेनर चालक मोहम्मद बिलाल मोहम्मद असलम (30) को स्थानीय लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया.

प्रशासन पर खड़े हो रहे सवाल

भिवंडी शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में गड्ढों के कारण अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है. पहले दो निर्दोष लोग हादसों का शिकार हुए थे और अब एक डॉक्टर की मौत ने प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या प्रशासन गहरी नींद से तभी जागेगा जब किसी की जान जाएगी? नागरिकों का आक्रोश अब उबाल पर है और मनपा तथा पीडब्ल्यूडी विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखी आलोचना हो रही है.

इस घटना ने सिर्फ एक परिवार को ही उजाड़ा नहीं, बल्कि पूरे भिवंडीवासियों के मन में भय और आक्रोश भर दिया है. पुलिस ने इस मामले में अपराध दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है.

खराब हालत में हैं सड़कें

भिवंडी अपडेट के अनुसार, हादसे के बाद सिराज अस्पताल के सामने के गड्ढों को स्टाफ द्वारा अस्थायी रूप से भरने की कोशिश की गई. वहीं, स्थानीय डॉक्टर नुरुद्दीन अंसारी ने कहा कि इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और सड़कों की हालत बेहद खराब है. 

उन्होंने मांग की है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तत्काल इस ओर ध्यान दें और यहां के नागरिकों को यातायात जाम और खराब सड़कों की समस्या से राहत दिलाएं.

पहले भी हो चुकीं दो मौतें

इससे पहले यश राजेश मोर उम्र 18 साल यह छात्र सुबह जिम करने के लिए अपने घर से 20 जुलाई को बाहर निकला लेकिन भिवंडी वाडा मार्ग पर पड़े गड्ढे के करण बाइक के साथ गड्ढे में जा गिरा जिसकी वजह से उसे भारी चोट लगी थी और उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया लेकिन जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे यश मोर ने 10 दिन बाद दम तोड़ दिया

वहीं रेहमान अली शेख-अपने घर से 15 अगस्त मनाने के लिए कॉलेज जा रहे थे तभी भिवंडी वाडा रास्ते पर गड्ढे के कारण गिरा और ट्रक ने उसे कुचल दिया जिस जगह पर ही उसकी मौत हो गई.