Nashik Student Death News: महाराष्ट्र के नाशिक जिले के त्र्यंबकेश्वर तालुका के पिंपरी गांव में एक माध्यमिक आश्रमशाला के 10वीं के छात्र का शव पेड़ से लटका हुआ मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. मृत छात्र की पहचान 17 साल का संजय सदू नडगे के रूप में हुई है.

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बताया जा रहा है कि छात्र दो दिन पहले अचानक बिना किसी को बताए आश्रमशाला से लापता हो गया था. अब उसका शव मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई और वजह है.

दो दिन से लापता था छात्र

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संजय नडगे त्र्यंबकेश्वर तालुका के पिंपरी स्थित माध्यमिक आश्रमशाला में 10वीं कक्षा का छात्र था. गुरुवार 12 मार्च को दोपहर करीब तीन बजे वह बिना किसी को बताए आश्रमशाला से चला गया और फिर वापस नहीं लौटा. जब काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला तो आश्रमशाला के प्रधानाध्यापक सुनील विट्ठल जाधव ने 13 मार्च को त्र्यंबकेश्वर पुलिस स्टेशन में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई.

पहाड़ी पर पेड़ से लटका हुआ मिला शव 

रविवार 15 मार्च को दोपहर के समय आश्रमशाला के पीछे करीब दो किलोमीटर दूर एक पहाड़ी इलाके में झाड़ियों में चराने गए कुछ बच्चों ने पेड़ से लटका हुआ शव देखा. उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी प्रशासन को दी.

सूचना मिलते ही त्र्यंबकेश्वर पुलिस स्टेशन के उप-निरीक्षक अशोक बोडके अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने पंचनामा कर शव को कब्जे में लिया और आगे की जांच शुरू कर दी.

जन्मदिन के दिन ही आश्रमशाला से गया था बाहर

खास बात यह है कि 12 मार्च को ही संजय का जन्मदिन था और उसी दिन वह आश्रमशाला से बाहर चला गया था. इस वजह से उसके इस कदम के पीछे क्या कारण था, इसे लेकर कई सवाल उठ रहे हैं.

संजय त्र्यंबकेश्वर तालुका के गुजरात सीमा से लगे बुरुडपाड़ा गांव का रहने वाला था. उसके माता-पिता मजदूरी कर परिवार चलाते हैं. काम के लिए उन्हें अक्सर दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता था, इसलिए संजय को पढ़ाई के लिए आश्रमशाला में रखा गया था. उसके दो भाई भी इसी स्कूल में पढ़ते हैं.

आश्रमशाला की व्यवस्था पर उठे सवाल

संजय के लापता होने के बाद उसके माता-पिता भी लगातार उसकी तलाश कर रहे थे. स्थानीय लोगों का कहना है कि छात्र अक्सर आश्रमशाला के पीछे पहाड़ी इलाके में पढ़ने या घूमने जाते थे.

इस बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि स्कूल से बाहर जाने वाले छात्रों का रिकॉर्ड ठीक से रखा जाता था या नहीं. इस घटना के बाद आश्रमशाला की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं.

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि संजय की मौत आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और वजह है. इस घटना से पूरे त्र्यंबकेश्वर इलाके में शोक का माहौल है और लोग मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं.