Gujarat News: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वसंतदादा पाटिल के परिवार की सदस्य जयश्री पाटिल बुधवार को यहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गईं. निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर 2024 का विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद कांग्रेस से निष्कासित जयश्री पाटिल को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल किया गया.
वह पूर्व राज्य मंत्री और वसंतदादा पाटिल के भतीजे दिवंगत मदन पाटिल की पत्नी हैं. वह कांग्रेस नेता और सांगली के सांसद विशाल पाटिल की रिश्तेदार भी हैं. इस अवसर पर जयश्री पाटिल ने कहा कि कांग्रेस में उन्हें बार-बार उपेक्षा का सामना करना पड़ा.
मुझे हमेशा अन्याय का सामना करना पड़ा- जयश्री पाटिल
उन्होंने कहा, "जिम्मेदारी सौंपने के मामले में मुझे हमेशा अन्याय का सामना करना पड़ा, इसीलिए मैंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया, जहां मेरा सम्मान नहीं किया जा रहा था."
जयश्री पाटिल को कांग्रेस ने नहीं दिया था टिकट
सांगली शहर से विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस से टिकट न मिलने पर जयश्री पाटिल ने निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा. वह हार गईं और उन्हें छह साल के लिए कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया. बीजेपी में उनका स्वागत करते हुए फडणवीस ने वसंतदादा पाटिल की प्रशंसा की, जिनका 1989 में निधन हो गया था.
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में शिक्षा, प्रशासन और नेतृत्व के क्षेत्र में वसंतदादा पाटिल का योगदान अद्वितीय है. इस विरासत को उनके भतीजे मदन पाटिल ने आगे बढ़ाया और अब इसे जयश्री पाटिल आगे ले जा रही हैं. दुर्भाग्य से कांग्रेस उनके योगदान को मान्यता नहीं दे सकी.
कांग्रेस ने 6 साल के लिए पार्टी से किया था निष्कासित
बता दें कि कांग्रेस ने सांगली विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने के लिए बागी नेता जयश्री पाटिल को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था.