वैश्विक राजनीतिक गतिविधियों के कारण एलपीजी (LPG) की आपूर्ति में आ रही बाधाओं को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. देवेंद्र फडणवीस सरकार ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क के विस्तार को युद्धस्तर पर पूरा करने का आदेश दिया है.
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, पाइपलाइन के लिए लंबित सभी अनुमतियों को अब 'मंजूर' (Deemed Approved) माना जाएगा और नए आवेदनों को 24 घंटे के भीतर मंजूरी दी जाएगी. काम में तेजी लाने के लिए सड़क मरम्मत शुल्क माफ कर दिया गया है और कंपनियों को 24 घंटे काम करने की अनुमति दी गई है.
नहीं पड़ेगी एनओसी की ज़रूरत
इसके अलावा, अब अग्निशमन विभाग या ट्रैफिक पुलिस से एनओसी (NOC) लेने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि सभी नियमों और शर्तों को शिथिल कर दिया गया है.
'माना जाएगा ज़रूरी सेवा'
पीएनजी (PNG) को अब पानी और बिजली की तरह ही 'अत्यावश्यक सेवा' माना जाएगा. घरेलू उपयोग को प्राथमिकता देते हुए होटल, स्कूल, अस्पताल, सामुदायिक रसोई और हॉस्टलों को कमर्शियल दरों पर 50 प्रतिशत आपूर्ति की जाएगी.
इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए राशनिंग नियंत्रक और नागरिक आपूर्ति निदेशक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है. यह आदेश 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा.
