महाराष्ट्र के नासिक और त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हो गया है. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान 300 मिमी तक बारिश की चेतावनी जारी करते हुए रेड अलर्ट घोषित किया है. मौसम विभाग ने त्र्यंबकेश्वर और नासिक के बीच बादल फटने की भी आशंका जताई है.

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वहीं लगातार बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. रात से ही हालात की निगरानी की जा रही है. राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने आधी रात को त्र्यंबकेश्वर पहुंचकर बारिश की स्थिति और राहत-बचाव तैयारियों की समीक्षा की.

नासिक जिले के सभी स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी

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इधर एहतियात के तौर पर मेटघर फोर्ट क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है. नासिक जिले के सभी स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है. वहीं, त्र्यंबकेश्वर मंदिर और साढ़े तीन शक्तिपीठों में शामिल सप्तश्रृंगी मंदिर भी आज श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे.

पुलिस और एसआरपीएफ की टीमें

प्रशासन ने विशेष रूप से नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें. नासिक जिले के त्र्यंबकेश्वर, इगतपुरी, डिंडोरी और पेठ तालुकों में प्रशासन, पुलिस और एसआरपीएफ की टीमें पूरी तरह मुस्तैद हैं.

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नासिक जिले के त्र्यंबकेश्वर नासिक इगतपुरी तालुका को रेड अलर्ट देने के बाद डिजास्टर मैनेजमेंट मिनिस्टर गिरीश महाजन ने घोटी इगतपुरी का इंस्पेक्शन किया और रात 11 बजे त्र्यंबकेश्वर में दाखिल हुए. त्र्यंबकेश्वर तालुका के मेटघर गांव का इंस्पेक्शन रात 12 बजे किया गया. रात में तेज हवा के कारण बारिश की तेजी बढ़ने पर मिनिस्टर महाजन ने 27 परिवारों के 100 से ज्यादा नागरिकों को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए.

नासिक जिले के साथ-साथ वसई विरार और पालघर जिले का भी रिव्यू किया गया, इस इलाके में 350 से 400 मिलीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई है. पालघर में ही एक डैम की पिचिंग थोड़ी खिसकने से आस-पास के इलाकों के 1 हजार नागरिकों को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किया गया है.

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