Maharashtra Tiger Attack: महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के ब्रह्मपुरी वन क्षेत्र में बाघ के हमले में एक साथ चार महिलाओं की मौत होने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है. सिंदेवाही तालुका के गुंजेवाही-पवनपार इलाके में हुई इस घटना को राज्य की सबसे दुर्लभ और गंभीर घटनाओं में से एक माना जा रहा है.

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मिली जानकारी के मुताबिक, 13 महिलाएं जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने गई थीं. इसी दौरान घात लगाकर बैठे बाघ ने उन पर हमला कर दिया. इस हमले में चार महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया.

गर्मी और पानी की कमी के कारण हादसा 

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विशेषज्ञों का मानना है कि इस हमले के पीछे भीषण गर्मी एक बड़ी वजह हो सकती है. बताया जा रहा है कि ब्रह्मपुरी क्षेत्र में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जिससे बाघ काफी तनाव और चिड़चिड़ेपन की स्थिति में आ गया होगा.

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वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञ उदयन पाटिल के मुताबिक, बाघों को गर्मी से बहुत परेशानी होती है. बाघ आमतौर पर शरीर का तापमान काम करने के लिए पानी के आसपास रहते हैं. लेकिन पानी की कमी और तेज गर्मी के कारण बाघ का व्यवहार आक्रामक हो सकता है. ऐसे में जंगल में तेंदूपत्ता इकट्ठा कर रहीं महिलाएं उसके क्षेत्र में पहुंच गईं और हमला हो गया.

मृतकों की पहचान, इलाके में दहशत

बताया जा रहा है कि बाघ के हमले की यह घटना गुंजेवाही-पवनपार मार्ग के खैरीचक इलाके के जंगल में हुई है. मरने वाली सभी महिलाएं गुंजेवाही गांव के भट्टी मोहल्ला वार्ड नंबर-1 की रहने वाली थीं. मृतकों की पहचान कविता मोहुर्ले (45), अनिता मोहुर्ले (46), संगीता संतोष चौधरी (40) और सुनीता कौशिक मोहुर्ले (35) के रूप में हुई है.

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