आगामी 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर देशभर में देशभक्ति का माहौल है और जगह-जगह तिरंगा रैलियां निकाली जा रही हैं. इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मुंबई में एक विशाल तिरंगा रैली का आयोजन किया. इस महारैली में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिरकत की. देशभक्ति के गीतों के बीच उन्होंने एक ऊर्जावान भाषण देकर युवाओं में जोश भर दिया और विदेशी ताकतों को कड़ी चेतावनी दी.
रैली में उमड़े भारी जनसैलाब को देखकर गदगद हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "आज मुझे यहां वास्तव में दो सागर दिखाई दे रहे हैं. एक तरफ विशाल हिंद महासागर है और दूसरी तरफ मुझे तिरंगे का महासागर नजर आ रहा है. जब तक आसमान में सूर्य और चंद्रमा मौजूद हैं, तब तक हमारा यह तिरंगा कभी नीचे नहीं आएगा."
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'विदेशी ताकतों को सता रहा भारत के महाशक्ति बनने का डर'
देश की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बन चुका है. आईटी (IT) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे उन्नत क्षेत्रों में भारत पूरी दुनिया को कड़ी टक्कर दे रहा है.
उन्होंने विदेशी ताकतों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ ताकतें भारत की इस तेज विकास यात्रा को रोकने की साजिश रच रही हैं. उन्हें डर सता रहा है कि अगर भारत की प्रगति इसी रफ्तार से जारी रही, तो वह दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति बन जाएगा. यही वजह है कि वे भारत के आंतरिक मामलों में दखलंदाजी करने का प्रयास करती हैं.
'युवाओं को रोकने की ताकत किसी में नहीं'
युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा, "हाथ में तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरी इस युवा शक्ति को रोकने की ताकत आपमें नहीं है. भारत निरंतर आगे बढ़ता रहेगा." उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए और विकसित भारत का जो संकल्प देश के सामने रखा है, उसे अगले 20 सालों में यानी 2047 तक हर हाल में पूरा करना है.
भारत विरोधी ताकतों को 'भारत छोड़ो' कहने की क्रांति
नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए फडणवीस ने 9 अगस्त 1942 के 'भारत छोड़ो' आंदोलन को भी याद किया. उन्होंने कहा कि आज की क्रांति 'करो या मरो' और विकसित भारत बनाने की क्रांति है. यह भारत विरोधी ताकतों को 'भारत छोड़ो' कहने का वक्त है. मुख्यमंत्री ने सभी से आह्वान किया कि हमें "मरते दम तक साथ चलेंगे" का संकल्प लेकर, एकजुट होकर तिरंगे के साथ आगे बढ़ना होगा.
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