मुंबई के पवई स्थित आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) के हॉस्टल में जिंदा कारतूस मिलने के मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. पवई पुलिस ने इस मामले के दूसरे आरोपी, 24 वर्षीय प्रशांतराज यादव को उज्जैन से गिरफ्तार किया है. वह एक धार्मिक यात्रा से लौट रहा था, तभी पुलिस ने उसे ट्रैक कर अपनी हिरासत में ले लिया. प्रशांतराज मूल रूप से बिहार का निवासी है और पेशे से एक रियल एस्टेट एजेंट है.

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प्रशांतराज ने ही पहले गिरफ्तार आरोपी को भेजी थी हथियारों की तस्वीर

जांच में यह बात सामने आई है कि प्रशांतराज यादव ही इस मामले में पहले गिरफ्तार हुए आरोपी सर्वोत्तम चौधरी को हथियारों की तस्वीरें भेजी थीं. पुलिस की पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि यादव और चौधरी के बीच हथियार खरीदने को लेकर बातचीत भी हुई थी, हालांकि वह सौदा पूरा नहीं हो पाया था. प्रशांत की गिरफ्तारी इस केस की कड़ियों को जोड़ने में पुलिस के लिए अहम मानी जा रही है.

इस पूरे मामले की शुरुआत 19 फरवरी को हुई थी, जब बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र अपूर्व मिश्रा के हॉस्टल रूम से 7.65 एमएम के 5 जिंदा कारतूस बरामद हुए थे. पुलिस की शुरुआती जांच में अपूर्व ने खुलासा किया था कि ये कारतूस उसका दोस्त सर्वोत्तम चौधरी लेकर आया था. सर्वोत्तम की गिरफ्तारी के बाद ही प्रशांतराज यादव का नाम सामने आया, जो इस नेटवर्क का हिस्सा था.

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इन कारतूसों को रखने की वजह केवल अन्य छात्रों को प्रभावित करना

हैरानी इस बात यह है कि इन कारतूसों को रखने के पीछे किसी बड़ी वारदात की साजिश नहीं थी. पवई पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कुबूल किया कि मिश्रा ने ये कारतूस केवल अन्य छात्रों को प्रभावित करने और अपनी धाक जमाने के लिए रखे थे. वह कैंपस में 'अटेंशन' पाना चाहता था और अपना दबदबा दिखाना चाहता था. फिलहाल पुलिस कारतूसों के मुख्य स्रोत की तलाश में जुटी है.