महाराष्ट्र के डोंबिवली में गैस कनेक्शन अपडेट के नाम पर साइबर ठगों द्वारा ठगी का एक और मामला सामने आया है. यहां ठगी का यह तीसरा मामला है. इस बार ठगों ने कपड़ा व्यापारी अरुण मोरे को निशाना बनाया है. साइबर ठगों ने कपड़ा व्यापारी के साथ 14.46 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है.
जानकारी के मुताबिक ठगों ने खुद को महानगर गैस कंपनी का कर्मचारी बताकर अरुण मोरे को फोन किया और कहा कि उनका गैस कनेक्शन जल्द ही बंद होने वाला है. इसे अपडेट करने के लिए उन्हें ऑनलाइन सिर्फ 12 रुपये का भुगतान करना होगा. ठगों की बातों में आकर मोरे ने ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया पूरी की.
अलग-अलग ट्रांजैक्शन से उड़ाए लाखों रुपये
इसके बाद साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते से अलग-अलग आठ ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 14.46 लाख रुपये निकाल लिए. बताया जा रहा है कि इससे पहले भी डोंबिवली में इसी तरह की साइबर ठगी के दो मामले सामने आ चुके हैं. उन मामलों में दो महिलाओं को ‘ई-चलान’ और APK लिंक भेजकर करीब 4 लाख रुपये की ठगी की गई थी.
दूसरी घटना में कनेक्शन काटने की धमकी
गैस कनेक्शन काटने की धमकी देकर साइबर ठगों ने महाराष्ट्र के डोंबिवली में एक महिला से करीब 3 लाख रुपए की ठगी कर ली. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव के कारण गैस आपूर्ति को लेकर पहले से ही लोगों में चिंता का माहौल है.
ठगों ने इसी डर का फायदा उठाकर नई तरह की साइबर ठगी को अंजाम दिया. इस मामले में डोंबिवली के रामनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की गई है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. पुलिस के अनुसार, डोंबिवली के सुनील नगर इलाके में रहने वाली स्मिता राणे के पति के मोबाइल फोन पर एक संदिग्ध एसएमएस आया.
इस संदेश में लिखा था कि महानगर गैस का फरवरी महीने का बिल कंपनी के सिस्टम में अपडेट नहीं हुआ है. साथ ही चेतावनी दी गई थी कि यदि तुरंत जानकारी अपडेट नहीं की गई तो उनका गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा.
खुद को बताया महानगर गैस कंपनी का प्रतिनिधि
इसके बाद जब दिए गए नंबर पर फोन किया गया तो सामने वाले व्यक्ति ने खुद को महानगर गैस कंपनी का प्रतिनिधि बताया. उसने कहा कि तकनीकी कारणों की वजह से उनका बिल सिस्टम में दिखाई नहीं दे रहा है और इसे ठीक करने के लिए एक ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
ठग ने स्मिता राणे को एक लिंक भेजा और कहा कि बिल अपडेट करने के लिए उस पर क्लिक करके जरूरी जानकारी भरनी होगी. लिंक खोलने के बाद उनसे डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड की जानकारी भरने के लिए कहा गया.
ठग लगातार फोन पर बात करते हुए उन्हें प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहते रहे, जिससे उन्हें किसी तरह का शक नहीं हुआ.जैसे ही स्मिता राणे ने मांगी गई जानकारी भर दी, कुछ ही देर में उनके खाते से पैसे निकलने लगे.
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