केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्ष की ओर से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की नेता और सांसद सुप्रिया सुले ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि यह इस्तीफा छात्रों, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और विपक्ष के लगातार दबाव का परिणाम है. साथ ही उन्होंने साफ किया कि सिर्फ इस्तीफा देना ही काफी नहीं है, बल्कि अब शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार और पूरे मामले पर संसद में चर्चा भी होनी चाहिए.
सुप्रिया सुले ने कहा, "शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों, छात्रों और विपक्ष के निरंतर दबाव के बाद ही आया है. मैं हर उस प्रदर्शनकारी को बधाई देता हूँ जिसने #NEETUG मुद्दे पर अडिग रुख अपनाया. लेकिन यह अंत नहीं हो सकता, हम वास्तविक जवाबदेही, व्यापक शैक्षिक सुधारों और संसद में NEET मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग करते हैं."
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कांग्रेस नेताओं ने मनाया जश्न
बता दें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आते ही विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस में खुशी का माहौल देखने को मिला. कई जगह कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया. कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी जाहिर की.
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह छात्रों के लंबे संघर्ष और लगातार उठाई गई आवाज की जीत है. उनका कहना है कि सरकार को आखिरकार जवाबदेही स्वीकार करनी पड़ी और इसी वजह से शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा.
विपक्ष का कहना है कि अब सिर्फ मंत्री के इस्तीफे से मामला खत्म नहीं होना चाहिए. उनका मानना है कि NEET विवाद से जुड़े सभी सवालों के जवाब मिलने चाहिए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए शिक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधार किए जाने चाहिए. विपक्ष ने संसद में इस पूरे मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने और जिम्मेदारी तय करने की भी मांग दोहराई है.
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