Raj Thackeray Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ आने के बाद सबसे बड़ा सवाल है कि कांग्रेस का अगला रुख क्या होगा? इसको लेकर शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सोमवार (7 जुलाई) को कहा कि क्या कांग्रेस मराठी से दूर हो जाएगी? मराठी मुद्दे पर कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) भी हमारे साथ हैं.

राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के मंच से कांग्रेस के दूर रहने पर संजय राउत ने कहा, ''कांग्रेस को दिल्ली से कार्यक्रम में न जाने का कोई आदेश नहीं दिया गया था. इस मुद्दे पर हमारी कांग्रेस से चर्चा हुई थी. उनकी कुछ जरूरी बैठकें थीं, इसलिए कांग्रेस के नेता उस दिन मंच पर उपस्थित नहीं हो सके.''

क्यों उठे सवाल?

दोनों भाई शनिवार (5 जुलाई) को 20 साल बाद एक मंच पर नजर आए थे. इस दौरान शरद पवार की पार्टी एनसीपी (एसपी) से लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले मौजूद थीं, लेकिन कांग्रेस से कोई नहीं पहुंचा. इसी के बाद से संशय की स्थिति बनी हुई है.

दरअसल, शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (एसपी) और कांग्रेस महा विकास अघाड़ी (एमवीए) में शामिल है. तीनों की पार्टियां लोकसभा और विधानसभा का चुनाव साथ लड़ चुकी है. हालांकि अब राज ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) का गठबंधन होने वाला है, ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि एमवीए का भविष्य क्या होगा?

शिंदे गुट का तंज

राज ठाकरे और कांग्रेस के बीच लंबे समय से तकरार रहा है. एमवीए के भविष्य को लेकर शिंदे गुट के नेता संजय निरुपम ने रविवार (6 जुलाई) को तंज कसा था. कांग्रेस के पूर्व नेता संजय निरुपम ने कहा कि From MVA To TVA! कांग्रेस को घटाकर कल एक नया राजनीतिक गठबंधन बना है. पहले यह MVA था अर्थात महा विकास अघाड़ी. इसका नया नाम TVA होना चाहिए -  ठाकरे विकास अघाड़ी.