महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि वह पहले अपनी पार्टी में हुए ‘रिजीम चेंज’ को नहीं रोक पाए और अब किस बदलाव की बात कर रहे हैं, यह समझ से परे है. नागपुर में दिए बयान में फडणवीस ने हिंदुत्व, बालासाहेब ठाकरे के विचारों और देश के संविधान का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में सरकार बदलने का रास्ता चुनाव से होकर जाता है, सड़क पर प्रदर्शन से नहीं.
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “पहली बात यह है कि उद्धव ठाकरे शिवसेना की रिजीम चेंज को नहीं रोक पाए, वह दूसरी कौन सी रिजीम चेंज की बात कर रहे हैं, मुझे पता नहीं है.” उन्होंने कहा कि जब उद्धव ठाकरे की पार्टी ने हिंदुत्व और बालासाहेब ठाकरे के विचारों को छोड़ दिया, तो पार्टी में ऐसा बवाल हुआ कि बालासाहेब के विचारों पर चलने की इच्छा रखने वालों ने अपनी अलग शिवसेना बना ली.
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संविधान के तहत ही होंगे फैसले
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में सभी फैसले संविधान और संसद के जरिए होंगे. उन्होंने कहा, “सबसे बड़ी बात यह है कि मैंने बहुत स्पष्ट रूप से कहा है कि भारत के संविधान से लड़ना बंद कर दीजिए. यहां फैसले संसद में और संविधान के तहत होंगे, सड़क पर नहीं. लोकतंत्र में फैसले चुनाव के जरिए होते हैं. अभी मोदी जी की सरकार है और वह फिर से चुनकर आएगी.”
सीएम फडणवीस ने कहा कि अगर किसी को ‘रिजीम चेंज’ करना है, तो उसे चुनाव में उतरना होगा, लोगों का दिल जीतना होगा और चुनाव जीतना होगा. उनके मुताबिक, लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन का अधिकार जनता के पास है और इसका फैसला चुनाव के जरिए ही होता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग भारत में संविधान को नकारकर नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और पाकिस्तान की तरह ‘रिजीम चेंज’ करने का सपना देख रहे हैं, उनके मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे.
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उन्होंने कहा कि भारत में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का संविधान है और उसमें ऐसे इरादों को नाकाम करने की ताकत है. फडणवीस का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ‘रिजीम चेंज’ को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी तेज है.
