महाराष्ट्र की सियासत में बीएमसी चुनाव नतीजों के बाद हलचल तेज हो गई है. बृहन्मुंबई महानगर पालिका चुनाव में बीजेपी और उसकी सहयोगी शिवसेना (शिंदे गुट) ने बड़ी जीत दर्ज की है. बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि उद्धव ठाकरे की शिवसेना को झटका लगा है. इसी बीच ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं, जिस पर शिंदे शिवसेना के नेताओं ने अपना रुख साफ कर दिया है. चुनाव नतीजों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है.
शिवसेना (शिंदे गुट) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजू वाघमरे ने उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने संजय राउत के बयानों को निराधार बताते हुए कहा कि वह रोज नए-नए बयान देकर भ्रम फैलाते हैं. वाघमरे ने कहा कि बार-बार राजनीति पर बोलने के बजाय संजय राउत को ज्योतिषी का काम कर लेना चाहिए, ताकि कुछ तो फायदा हो.
वाघमरे ने पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों का किया जिक्र
राजू वाघमरे ने आरोप लगाया कि संजय राउत खुद जिन लोगों पर भरोसा करते हैं, वही उनके लिए समस्या बने हुए हैं. उन्होंने कहा कि राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के साथ उनके संबंध ही उनके राजनीतिक नुकसान की वजह हैं. वाघमरे ने पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि बालासाहेब ठाकरे के समय भी किसने क्या किया. यह सब महाराष्ट्र की जनता जानती है.
हार के बाद विपक्ष बना रहा बहाने- वाघमरे
मेयर पद को लेकर ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर बात करते हुए राजू वाघमरे ने साफ किया कि महिला मेयर या ढाई साल का कोई भी फॉर्मूला पूरी तरह मनगढ़ंत है. उन्होंने कहा कि बीएमसी में मेयर को लेकर फैसला मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मिलकर करेंगे. शिंदे शिवसेना की प्राथमिकता पद नहीं, बल्कि मुंबई के लोगों की सेवा है.
शिंदे गुट के पतन के आरोपों पर वाघमरे ने कहा कि पार्टी के पास सात सांसद और 60 विधायक हैं और हालिया चुनाव में भी जीत मिली है. उन्होंने कहा कि राजनीति में पतन या उभार का फैसला जनता चुनाव के जरिए करती है, बयानबाजी से नहीं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हार के बाद विपक्ष बहाने बनाता है और ईवीएम पर सवाल उठाता है.
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