मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अचानक बड़ा राजनीतिक दांव चला है. देर रात पार्टी ने लगभग 75 से अधिक उम्मीदवारों को एबी फॉर्म सौंपकर सीधे चुनावी मैदान में उतार दिया. इस कदम को पार्टी की सोची-समझी रणनीति माना जा रहा है, ताकि समय की कमी का फायदा उठाकर कोई बगावत न कर सके.
बागियों पर लगाम लगाने की रणनीति
इस बार भाजपा ने सीधे उम्मीदवारों से संपर्क किया और उन्हें एबी फॉर्म हाथों-हाथ दे दिए. मकसद साफ है, बागियों को मौका न मिले और संगठन में अनुशासन बना रहे.
समय कम होने के कारण नाराज नेताओं और संभावित बागियों को मनाने की जिम्मेदारी स्थानीय विधायकों को सौंपी गई है. भाजपा नेतृत्व चाहता है कि चुनावी फोकस किसी भी हाल में न भटके.
मुलुंड पश्चिम से नील सोमय्या को टिकट
मुलुंड पश्चिम के वार्ड क्रमांक 107 से भाजपा ने नील किरीट सोमय्या को उम्मीदवार बनाया है. नील, पूर्व सांसद किरीट सोमय्या के पुत्र हैं. पार्टी में उनकी दावेदारी को संगठनात्मक निरंतरता और स्थानीय पकड़ से जोड़कर देखा जा रहा है. नील सोमय्या आज दोपहर 1 बजे नामांकन दाखिल करेंगे, जिससे इस सीट पर मुकाबला और दिलचस्प हो गया है.
भाजपा प्रवक्ता रहे नवनाथ बन अब सीधे चुनावी मैदान में उतर चुके हैं. उन्हें मानखुर्द–शिवाजीनगर, वार्ड क्रमांक 135 से उम्मीदवार बनाया गया है. नवनाथ बन, देवेंद्र फडणवीस के करीबी माने जाते हैं और पार्टी के मीडिया प्रमुख भी हैं.
इससे पहले वे संजय राउत पर तीखे हमलों के लिए चर्चा में रहे हैं. खास बात यह है कि पिछले चुनाव में इसी वार्ड से उद्धव ठाकरे गुट को जीत मिली थी, ऐसे में मुकाबला कड़ा माना जा रहा है.
युवा चेहरों पर दांव
भाजपा इस बार युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने के मूड में दिख रही है. युवा मोर्चा अध्यक्ष तेजिंदर सिंह तिवाना को वार्ड क्रमांक 47 से मैदान में उतारा गया है.
इसके अलावा नवनाथ बन (वार्ड 135), पूर्व नगरसेवक शिवानंद शेट्टी (वार्ड 9) और पूर्व नगरसेवक जितेंद्र पटेल (वार्ड 10) को भी टिकट दिया गया है. बीती रात सभी उम्मीदवारों को एबी फॉर्म सौंपे गए, जिससे पार्टी के चुनावी अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है.
सीधे मुकाबले की तैयारी
कुल मिलाकर, भाजपा ने बीएमसी चुनाव 2026 में आक्रामक शुरुआत कर दी है. समय से पहले उम्मीदवार तय कर पार्टी संगठन को मजबूत करना और विपक्ष को चौंकाना दोनों ही लक्ष्य साफ नजर आ रहे हैं. अब देखना होगा कि यह रणनीति मुंबई की सियासत में भाजपा को कितनी बढ़त दिला पाती है.