महाराष्ट्र में राजनीतिक बयानबाजी का दौर जारी है. राज्य के वन मंत्री और बीजेपी विधायक गणेश नाइक ने शनिवार (16 अगस्त) को एक बड़ा बयान दे दिया. उन्होंने कहा कि शिवसेना नेता और वर्तमान डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने “लॉटरी” जीतकर 2022 में मुख्यमंत्री पद पाया था. नाइक का कहना है कि जनता केवल यह नहीं देखती कि कोई कैसे पद पर पहुंचा, बल्कि यह भी देखती है कि वह उसे कैसे बनाए रखता है.

हर किसी को लॉटरी नहीं मिलती- गणेश नाइक

नाइक ने पालघर में आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान यह टिप्पणी की. पीटीआई के अनुसार, इस मौके पर उन्होंने कहा कि “हर किसी को लॉटरी नहीं मिलती, लेकिन शिंदे को मिली. असली सवाल यह है कि कोई व्यक्ति अपना पद कैसे हासिल करता है और फिर उसे कैसे संभालता है, यही जनता देखती है.” 

इस कार्यक्रम में पालघर और बोईसर से शिवसेना के विधायक और बीजेपी सांसद हेमंत सवरा भी मौजूद रहे. नाइक ने बताया कि जब वे ठाणे जिले के संरक्षक मंत्री थे, तब दिवंगत विष्णु सावरा, बीजेपी सांसद चिंतामन वंगा और शिंदे डीपीडीसी के सदस्य थे.

यह पहली बार नहीं है जब नाइक ने शिंदे पर निशाना साधा. जुलाई में भी उन्होंने ठाणे और नवी मुंबई संसाधनों के “बाहरी लोगों” द्वारा दोहन का आरोप लगाया था.

2022 में MVA से अलग हुए थे एकनाथ शिंदे

जून 2022 में शिंदे ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी सरकार गिराकर मुख्यमंत्री पद संभाला था. लेकिन 2024 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी की बहुमत जीत के बाद उन्हें उपमुख्यमंत्री पद पर सीमित होना पड़ा और देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री बने.

शिवसेना ने नाइक के बयानों पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया था कि वे नवी मुंबई पर अपनी लंबे समय से चली आ रही पकड़ से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे हैं. यह बयान ऐसे समय में आया है जब महायुति (बीजेपी-शिवसेना गठबंधन) में दरार की अटकलें तेज हो रही हैं.

जनता दरबार का ऐलान और अगली रणनीति

इसी बीच, गणेश नाइक ने रविवार (17 अगस्त) को ठाणे जिले में 22 अगस्त को जनता दरबार आयोजित करने की घोषणा की. यह कदम शिंदे खेमे की नाराज़गी बढ़ा सकता है क्योंकि ठाणे उनका गढ़ माना जाता है. नाइक ने कहा कि इस दरबार में जिले के विभिन्न हिस्सों से लोग अपनी समस्याएं लेकर आएंगे और समाधान की कोशिश होगी. 

उन्होंने यह भी बताया कि 19 और 20 अगस्त को नवी मुंबई और जव्हार में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित होंगे. नाइक ने कहा, “जनता की सेवा के लिए शक्ति चाहिए और शक्ति पाने के लिए जनता की सेवा करनी पड़ती है. दोनों जिम्मेदारियां एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं.”