Devendra Fadnavis On Aurangzeb Tomb: महाराष्ट्र में औरंगजेब के नाम से शुरू हुआ विवाद अब औरंगजेब की कब्र तक पहुंच गया है और इस बढ़ते विवाद के बीच राज्य में बहुत जल्द औरंगजेब की कब्र को लेकर महाराष्ट्र सरकार बड़ी करवाई का अंदेशा दे रही है. फिलहाल इसको लेकर बड़ा विवाद जारी है.
सपा विधायक अबू आजमी के बयान से शुरू हुआ औरंगज़ेब को लेकर विवाद अब राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयान तक आकर रुका है, ऐसे में अब औरंगजेब के कब्र को हटाने की मांग महाराष्ट्र की राजनीति में तुल पकड़ता नजर आ रहा है.
क्या बोले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हमें भी और सभी को ऐसा ही लगता है कि औरंगज़ेब की कब्र को ढहा दिया जाए, लेकिन कुछ काम कानून के दायरे में रहकर करना पड़ता है क्योंकि उस कब्र को संरक्षण मिला हुआ है. कांग्रेस के कार्यकाल में औरंगजेब की कब्र को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) का संरक्षण दिया गया. जिसके बाद एक सुर में बीजेपी के नेताओं की तरफ से औरंगजेब की कब्र हटाने की बात को और बढ़ावा दिया जा रहा है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रशेखर बावनकुले ने कहा कि सरकार ने निर्णय कर किया है लेकिन अभी सार्वजनिक रूप से नहीं बता सकते हैं लेकिन जो लोगों से मांग उठी है इसका जल्द निवारण होगा.
इससे पहले हिन्दू जनजागृति संगठन ने आरोप लगाते हुए कहा कि औरंगजेब की कब्र के लिए लाखों रुपये, मगर छत्रपति शिवाजी महाराज के मंदिर के लिए सिर्फ 250 रुपये? संगठन का कहना है कि औरंगजेब की कब्र की सहायता तत्काल बंद करो और छत्रपति शिवाजी महाराज के मंदिर के लिए भरपूर सहायता घोषित करो.
सपा नेता अबू आजमी के औरंगजेब को लेकर दिए गए बयान से विवाद जारी है. इसी बीच हिंदू जन जागृति संगठन ने औरंगजेब की कब्र को लेकर होने वाले खर्चे का ब्यौरा देते हुए और छत्रपति शिवाजी महाराज के समाधि के देखभाल के खर्च में भेदभाव का आरोप लगाया है.
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